मोबाइल पर अश्लील मैसेज, संबंध बनाने का दबाव बना रहा प्रोफेसर, छात्रों के आंदोलित होते ही एक्शन

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सरस्वती मेडिकल कॉलेज का एक प्रोफेसर छात्रों को मोबाइल पर अश्लील मैसेज कर रहा था। छात्रों पर संबंध बनाने का दबाव भी डाल रहा था। प्रोफेसर की हरकतों से नाराज छात्रों ने प्राचार्य से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गुरुवार को छात्रों ने प्रोफेसर के खिलाफ प्रदर्शन कर पुतला भी फूंका। इंटरनल परीक्षा का बहिष्कार कर प्रोफेसर को हटाने की मांग की। छात्रों के आंदोलित होते ही कॉलेज प्रशासन ने प्रोफेसर को निलंबित करने के बाद उनकी सेवा समाप्त कर दी। इस कार्रवाई के बाद छात्र परीक्षा देने के लिए तैयार हुए हैं।

यूपी के उन्नाव में स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज के एक प्रोफेसर के खिलाफ एक दर्जन से अधिक छात्रों ने आरोप लगाया कि वह संबंध बनाने के लिए आए दिन दबाव बनाते हैं। उनके मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजते हैं। बात न मानने पर फेल करने की धमकी देते हैं। महाराष्ट्र के रहने वाले 2024 बैच के एक छात्र ने प्रोफेसर की इस शर्मनाक हरकत को उजागर करते हुए बताया कि कई महीने से प्रोफेसर की नजर उसके ऊपर थी। वह आए दिन उस पर संबंध बनाने का दबाव डालते थे।

कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आरएन श्रीवास्तव ने बताया कि प्रोफेसर के खिलाफ पूरे बैच के छात्रों की शिकायत आई है। 11 अगस्त को एक बार फिर से एक छात्र ने शिकायत की। इसको संज्ञान में लेते हुए तीन कमेटियां बनाकर जांच कराई गई। प्रोफेसर को एक हफ्ते के अंदर स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस दी गई। सभी कमेटियों की रिपोर्ट में गंभीर तथ्य उजागर हुए। प्रोफेसर को एक मौका और दिया गया था कि वीडियो कांफ्रेंसिंग पर बात कर अपना पक्ष रखें। लेकिन उन्होंने बात नहीं की। छात्रों की शिकायतों से गंभीरता से लेते हुए प्रोफेसर को पहले निलंबित फिर बर्खास्त कर दिया गया है।

छात्रों के चेहरे पर लौटी खुशी

प्रोफेसर की बर्खास्तगी के आर्डर की कापी छात्रों को दिखाए जाने पर मामला शांत हो सका। प्रोफेसर पर कार्रवाई होने के बाद छात्रों के चेहरों पर खुशी नजर आई। परीक्षा नियंत्रक व फिजियोलॉजी प्रोफेसर पर छात्रो ने आरोप लगाया कि आंतरिक मूल्यांकन में नंबर बढ़ाने व प्रश्न पत्र लीक करने के बदले वह छात्रों से शारीरिक संबंध बनाने की मांग करते है। छात्रों को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।

2019 और 2020 बैच के कुछ छात्र, जो प्रोफेसर से लाभान्वित हुए है। शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डाल रहे हैं। एक बार कुछ संदिग्ध लोगों ने परिसर में घुसने की कोशिश भी थी। छात्रों के पास आरोपों के समर्थन में रिकॉर्डिंग, संदेश और गवाहों के बयान भी कालेज प्रशासन को दिए गए थे। छात्रों ने राज्य राष्ट्रीय स्तर पर निष्पक्ष जांच पड़ताल किए जाने मांग की थी। मेडिकल कालेज प्रशासन ने प्रोफेसर की सेवाएं समाप्त किए जाने के बाद छात्रों में जश्न का माहौल दिखाई दिया। इससे पहले एक छात्रा ने मेडिकल कालेज के उच्चाधिकारी पर छेड़छाड़ करने का केस दर्ज कराया गया था।

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