एक घर में अजब-गजब चोरी हुई। चोरों ने घर की छत पर पिंजरों में बंद करीब 10 लाख रुपये के 400 देसी-विदेशी कबूतरों को चोरी कर लिया। एसपी सिटी मेरठ आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि लिसाड़ी गांव में हाजी कय्यूम के घर की छत से कुछ कबूतर चोरी हुए हैं। पुलिस टीम जांच कर रही है। सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के मेरठ के लिसाड़ी गांव निवासी हाजी कय्यूम लिसाड़ी गेट थाने का हिस्ट्रीशीटर है। वह 15-20 साल से कबूतर पालने का काम करता है। उसने अपने ही घर की छत पर कबूतरों के रहने के पिंजरे बनाए हैं, जहां पर कई नस्ल के कबूतर रखे हैं। इन कबूतरों से कय्यूम उड़ान कराता है और टूर्नामेंट में भी हिस्सा लेता है। उसके पास करीब 400 कबूतर थे। उसके बराबर के मकान में निर्माण कार्य चल रहा है। रविवार देर रात निर्माणाधीन मकान की छत से चाली की सीढ़ी बनाकर चोर कय्यूम की छत पर पहुंचे और सभी कबूतर चोरी कर ले गए। कय्यूम ने पुलिस को 10-15 लाख रुपये के 400 कबूतर चोरी होने की सूचना दी है।
पुलिस ने शिकायतकर्ता को ही थाने बैठाया : दोपहर के समय पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर हाजी कय्यूम को ही हिरासत में लेकर थाने बैठा लिया। पुलिस पूछताछ करती रही कि इतनी कीमत के कबूतर कैसे और कहां से लेकर आया।
कई नस्ल के कबूतर, रोमिया और बादशाह थे नाम
हाजी कय्यूम ने चोरी गए कबूतरों की कीमत बताई तो पुलिस भी चौंक गई। कय्यूम ने बताया कि उसके पास कई नस्ल के कबूतर थे। इनमें कोलकाता नस्ल, कलसीरा, सहारनपुर, कलर्स, मद्रासी नस्ल वाले कबूतर सबसे महंगे थे। उसने कबूतरों के नाम रोमियो, बादशाह, ललसीरा, दुबाज, गजरा, कलदुमा, मसकली रखे थे। कय्यूम ने बताया कि उसे कबूतरबाजी का शौक है।
इतने कबूतर कैसे ले गए चोर
जांच के लिए पहुंची पुलिस ने छानबीन की। पुलिस का मानना है कि कबूतरों को बोरों में भरकर वाहन से ले जाया गया है। यही नहीं चोरी करने वाले कबूतरों के अच्छे जानकार भी रहे होंगे, उन्हें सारी जानकारी थी। पुलिस आसपास के इलाके में कबूतरबाजी करने वालों को लेकर भी जांच कर रही है।