वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। इसे जीएसटी 2.0 नाम दिया गया है। नई प्रणाली में टैक्स स्ट्रक्चर को और आसान बनाने के लिए केवल दो स्लैब रखे गए हैं। इसके साथ ही कई चीजों पर टैक्स की दरों में बदलाव किया गया है। जहां एक तरफ अब रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर टैक्स कम होगा। वहीं, दूसरी तरफ अब नुकसानदायक और विलासिता की वस्तुओं पर जीएसटी टैक्स को बढ़ा दिया गया है। जीएसटी काउंसिल ने अब से जिन वस्तुओं में शक्कर, अन्य मिठास देने वाला पदार्थ या फ्लेवर डाला जाता है (जैसे कि एरेटेड वाटर और सॉफ्ट ड्रिंक्स) उन पर लगने वाला जीएसटी 28% से बढ़ाकर 40% कर दिया गया है। यह नया सिस्टम 22 सितंबर 2025 से लागू होगा।
क्या है सरकार का उद्देश्य
बता दें कि इस बदलाव का मकसद है कि सामान्य जरूरत की चीजों पर टैक्स का बोझ कम किया जाए और लग्जरी या हानिकारक (sin) वस्तुओं पर अधिक टैक्स लगाया जाए, ताकि रेवेन्यू भी बढ़े और उपभोग भी संतुलित रहे। इसके अलावा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 1,200 सीसी से बड़ी पेट्रोल और 1,500 सीसी से बड़ी डीजल कारों पर 40 प्रतिशत टैक्स लगेगा।
इन वस्तुओं पर 40% जीएसटी लगेगा
बता दें कि अधिक टैक्स स्लैब (40%) बनाया गया है, जिसे लग्जरी और सिन् गुड्स (Luxury & Sin Goods) पर लागू किया जाएगा। जिन वस्तुओं पर 40% जीएसटी लगेगा। वे हैं-
– सभी प्रकार का एरेटेड वाटर
– कार्बोनेटेड बेवरेजेज
– कैफीन युक्त ड्रिंक्स
– नॉन-अल्कोहॉलिक बेवरेजेज
– 350cc से ऊपर इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलें
– हेलीकॉप्टर
– यॉट्स (Yachts)
आसान भाषा में कहें तो सॉफ्ट ड्रिंक्स, शक्कर और फ्लेवर वाले पेय, और लग्जरी चीजें महंगी होंगी क्योंकि उन पर 40% टैक्स लग गया है। हालांकि, तंबाकू उत्पाद फिलहाल 28% पर ही रहेंगे, लेकिन आगे चलकर इन्हें भी 40% स्लैब में डाला जा सकता है।










