उत्तराखंड में नैनीताल स्थित ब्रिटिशकालीन ओल्ड लंदन हाउस सोमवार रात को एक बार फिर भीषण अग्निकांड का शिकार हो गया। इससे शहर में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक इस हादसे में कुछ दुकानें भी जलकर राख हो गईं। हालांकि गनीमत रही कि इस अग्निकांड में किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना कल रात ढाई से तीन बजे के बीच घटी। आशंका है कि आतिशबाजी के कारण यह अग्निकांड हुआ। दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पानी की अव्यवस्था के कारण आग पर काबू पाने में काफी समय लगा। शहर पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र के अनुसार फिलहाल काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। उन्होंने आशंका जताई कि आतिशबाजी के कारण यह हादसा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि मल्लीताल के मोहनको चौराहा पर स्थित इस ऐतिहासिक भवन के एक हिस्से में इसी साल 27 अगस्त की रात को आग लग गई थी जिसमें एक बड़ा हिस्सा जल कर खाक हो गया था तथा एक वृद्धा जलकर खाक हो गई थी।
उत्तराखंड के प्रसिद्ध हिल स्टेशन नैनीताल में स्थित ओल्ड लंदन हाउस ब्रिटिशकालीन स्थापत्य और इतिहास का एक अनमोल प्रतीक माना जाता है। यह इमारत नैनी झील के किनारे स्थित उन चुनिंदा भवनों में से है, जो औपनिवेशिक दौर की याद को आज भी जीवित रखते हैं।
19वीं सदी में निर्मित यह भवन अंग्रेज अधिकारियों और मिशनरियों के ठहराव स्थल के रूप में उपयोग में आता था। उस समय नैनीताल ब्रिटिशों की समर कैपिटल (ग्रीष्मकालीन राजधानी) हुआ करता था, इसलिए यहां यूरोपीय अंदाज के आलीशान बंगले और संस्थान बनाए गए थे, जिनमें ओल्ड लंदन हाउस भी शामिल था।











