उत्तराखंड में पिछले 4 सालों में पर्यटकों की संख्या दुगनी हो गई है। धार्मिक, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के प्रचार से तीन साल में पर्यटकों का आंकड़ा 23.46 करोड़ पहुंच गया है। इसका असर स्थानीय लोगों की आय पर भी हुआ है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों की आय में बंपर उछाल देखने को मिला है।
धामी सरकार ने चारधाम, एडवेंचर टूरिज्म, धार्मिक औैर सांस्कृतिक स्थलों के कायाकल्प और होम स्टे योजना का जमकर प्रचार-प्रसार किया। इसका नजीता भी सबके सामने है। कांग्रेस शासनकाल (2012-13 से 2016-17) में कुल 13.59 करोड़ पर्यटक राज्य में आए। भाजपा की त्रिवेंद्र सरकार (2017-18 से 2021-22) में कोविड जैसी वैश्विक महामारी के बावजूद यह संख्या बढ़कर 15 करोड़ तक पहुंच गई। लेकिन असली छलांग देखने को मिली भाजपा 2.0, यानी सीएम धामी के नेतृत्व में। केवल तीन वर्षों (2022-23 से 2024-25) में उत्तराखंड ने 23.46 करोड़ पर्यटकों का स्वागत किया।
उत्तराखंड पर्यटन की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में धामी सरकार का प्रचार और निवेश निर्णायक रहा है। आलोचनाओं और झूठी खबरों के विपरीत, यह केवल दिखावे का मामला नहीं, बल्कि सकारात्मक परिणाम और ठोस विकास का प्रमाण है।










