कनाडा का वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर इमीग्रेशन का काम करने वाले व्यक्ति ने ग्राम नजीमाबाद के युवक से 15 लाख की ठगी की। रकम वापस मांगने पर आरोपी ने यूपी के थाने में पीड़ित के खिलाफ जालसाजी का केस भी दर्ज करा दिया। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपी और उसके सहयोगियों पर कार्रवाई की मांग की है।
नजीमाबाद निवासी शेर सिंह के बेटे प्रिंसपाल ने पुलिस को तहरीर में बताया कि उसे विदेश जाना था, इसलिए इमीग्रेशन का काम करने वाले बिलासपुर के एक व्यक्ति से संपर्क किया। 25 नबंवर को उसने किच्छा आकर प्रिंसपाल से 15 लाख रुपये में चालीस दिन में कनाडा का वर्क वीजा दिलाने का भरोसा दिया। प्रिंसपाल ने उसे अपने कागजात और दो लाख रुपये दे दिये। बाकी रकम काम होने के बाद देनी थी। 15 जनवरी को आरोपी ने प्रिंसपाल को फोन पर कनाडा का वीजा लगने की जानकारी दी। 20 जनवरी को प्रिंसपाल ने उसे तीन लाख रुपये दे दिये। 2 फरवरी को उसने प्रिंसपाल को बताया कि उसका पासपोर्ट कहीं खो गया है। प्रिंसपाल ने अपना दूसरा पासपोर्ट बनाकर उसे दे दिया। 12 मार्च को प्रिंसपाल ने उस व्यक्ति के कहने पर उसके एक साथी के खाते में आठ लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। 4 अप्रैल को उसने प्रिंसपाल को घर बुलाया। यहां प्रिंसपाल ने एक लाख तीस हजार रुपये देकर अपना पासपोर्ट और कनाडा का वाया कैरो (इजिप्ट) टिकट प्राप्त कर लिया। 5 अप्रैल को प्रिंसपाल दिल्ली से फ्लाइट पकड़ कर कैरो पहुंच गया।
कैरो में कनाडा के लिए फ्लाइट चेकइन करने के दौरान प्रिंसपाल के वीजा संबधित पेपर फर्जी बताकर उसे रोक दिया गया। प्रिंसपाल ने तब आरोपी से संपर्क किया। तब उसने बाकी 70 हजार रुपये की मांग की। प्रिंसपाल के पिता आरोपी के घर 70 हजार रुपये दे आये। इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सअप पर दूसरे पेपर भेजकर भरोसा दिया कि प्रिंसपाल दूसरी फ्लाइट पकड़कर कनाडा जा सकता है। दोबारा चेकइन के दौरान भी वीजा संबधित पेपर फर्जी पाए गए। उसके बाद प्रिंसपाल वापस लौट गया। व्हाट्सअप पर भेजे गये पेपर की जांच के बाद पता चला कि सभी पेपर फर्जी बनवाए गए थे। प्रिंसपाल ने आरोप लगाया कि रकम मांगने पर आरोपी ने यूपी के थाना खजुरिया में उसके खिलाफ जालसाजी के केस दर्ज करा दिया है। प्रिंसपाल ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।