अमरोहा में कृषि भूमि की ठियाबंदी के बदले में फीस बताकर कानूनगो और लेखपाल ने किसान के बेटे से एक लाख रुपये वसूल लिए। इतना ही नहीं बाद में जमीन को दो हिस्सों में बांट दिया। मामले में सीजेएम कोर्ट के आदेश पर नौगावां सादात पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों में एसीओ को भी शामिल किया गया है। बात तब बिगड़ी थी, जब किसान को पता चला कि ठियाबंदी का कोई शुल्क नहीं होता है।
रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव पपसरा में किसान राहुल का परिवार रहता है। उनके पिता नेत्रराम सिंह ने 27 जनवरी 2021 को गांव सिरसा जट में कृषि भूमि खरीदी थी।
जमीन की पैमाइश और ठियाबंदी के लिए राहुल ने नौगावां सादात तहसील में एसडीएम को प्रार्थना पत्र दिया था। एसडीएम ने कानूनगो मुन्नालाल और लेखपाल दूधनाथ भूमि की ठियाबंदी का आदेश दिया था। बावजूद इसके कानूनगो और लेखपाल ने भूमि की ठियाबंदी नहीं की। आरोप है कि पैमाइश और ठियाबंदी के लिए दो लाख रुपये की मांग की। बताया कि पहले फीस जमा होनी है। 28 दिसंबर 2023 को राहुल ने इंतजाम कर एक लाख रुपये दे दिए।
इसके बाद दोनों ने जमीन की ठियाबंदी कर दी, जिस पर राहुल ने बोरिंग करा लिया, लेकिन बाद में दोनों एक लाख रुपये और देने का दबाव बनाने लगे। सीजेएम ओमपाल सिंह ने थाना पुलिस को कानूनगो मुन्नालाल, एसीओ शाहिद अली व लेखपाल दूधनाथ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया था। सीओ अवधभान ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू करने की बात कही।