ऊर्जा निगम के कार्यालय में अधीक्षण अभियंता के कार्यभार को संभालने को लेकर दो अधिकारियों में विवाद इतना बढ़ा कि हाईप्रोफाइल ड्रामे तक पहुंच गया। सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने देहरादून से चार्ज लेने आए अधिकारी की शिकायत पर दूसरे अधिकारी और उनके चार बाउंसरों को हिरासत में लिया और कोतवाली ले आई। कोतवाली में भी जमकर हंगामा हुआ और दोनो अधिकारियों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए।
दरअसल, मामला रुड़की बोट क्लब स्तिथ ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय का है। अधीक्षण अभियन्ता मुनीश चंद्रा ने करीब दो माह पूर्व रुड़की का चार्ज लिया था। करीब चार दिन पूर्व अमित कुमार का तबादला देहरादून से दोबारा रुड़की कर दिया था। बताया जा रहा है की तभी से विवाद को हवा मिल गई थी और दोनो अधिकारियों में तनातनी शुरू हो गई थी। इस मामले में शुक्रवार को अमित कुमार चार्ज लेने रुड़की कार्यालय आए थे। लेकिन मुनीश चंद्रा ने चार्ज देने से इंकार कर दिया था। आरोप है कि मुनीश चंद्रा के चार बाउंसरों ने अमित कुमार को कार्यालय में भी नही घुसने दिया और अभद्रता करते हुए हाथापाई कर दी थी।
जिसके बाद कार्यालय अखाड़ा बन गया था और जमकर हंगामा हो गया था। इसके बाद अमित कुमार ने सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने मुनीश चंद्रा और तीन बाउंसरों जब्बार निवासी मंगलौर, विजय निवासी मुजफ्फरनगर और शिवम निवासी मंगलौर को हिरासत में लिया था। अमित कुमार की तहरीर पर पुलिस ने चारों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया था। पुलिस ने तीन बाउंसरों को कोर्ट में पेश किया था। जबकि मुनीश चंद्रा को कोतवाली से ही नोटिस तामिल कराकर जमानत दे दी थी। वहीं, मामले में 24 घंटे बाद ही तबादला रद्द कर दिया था।
इस मामले में सीओ विवेक कुमार ने बताया कि दो अधिकारियों के बीच चार्ज को लेकर विवाद हुआ था। जिसमें मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। मामले में विवेचना में जो भी सामने आएगा उसी के आधार पर आगे की कारवाई की जाएगी।