बाजपुर में पुरानी चीमा पेपर मिल के समीप स्थित विवादित भूमि की एसडीएम के आदेश पर हथबंदी करने गई टीम का लोगों ने विरोध कर दिया। जहां लोगों ने प्रशासन पर एक पक्षीय सुनवाई करते हुए आदेश जारी करने का आरोप लगाया है। वहीं विरोध के चलते प्रशासन की टीम ने कार्यवाही को स्थगित कर दिया।
बता दे कि बाजपुर में पुरानी चीमा पेपर मिल के समीप स्थित भूमि को लेकर काशीपुर निवासी गुरदयाल चीमा और बाजपुर के बिचपुरी हरजीत सिंह पुत्र बलवीर सिंह के बीच एसडीएम कोर्ट में विवाद चल रहा है। वही एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी ने 20 जून 2024 को दोनो पक्षों की सुनवाई के बाद गुरदयाल चीमा के पक्ष में फैसला सुनाते हुए हथबन्दी के आदेश राजस्व विभाग की टीम को दिए थे। एसडीएम राकेश चंद तिवारी के आदेश पर राजस्व व पुलिस प्रशासन की टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची थी।
हथबंदी की सूचना मिलने के बाद हरजीत सिंह अपने अधिवक्ता कुलवंत उप्पल व अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंच गए। जहां लोगों ने हथबंदी के लिया आई टीम का विरोध किया। इस दौरान हरजीत सिंह ने स्थानीय प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि एसडीएम द्वारा आदेश जारी करने के बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता कुलवंत उप्पल से पुनः एसडीएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाया गया था। जिसमें 27 जून को सुनवाई होनी है लेकिन स्थानीय प्रशासन द्वारा काशीपुर के पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा और उनके पुत्र विधायक त्रिलोक सिंह चीमा के दबाव में एकपक्षीय सुनवाई करते हुए कार्यवाही की जा रही है।
हरजीत सिंह ने बताया कि उसके द्वारा वर्ष 2004 में डेढ़ एकड़ भूमि खरीदी गई थी। जिसपर उसका अभी भी कब्जा है, लेकिन षड्यंत्र के तहत विपक्षी लोग सत्ता के दबाव में भूमि को हथियाने का प्रयास कर रही हैं।
वहीं लोगों द्वारा किए जा रहे विरोध को देखते हुए राजस्व व पुलिस टीम ने कार्यवाही को स्थगित कर दिया। इस दौरान कानूनगो सुनीति पाल ने बताया कि उच्च अधिकारियों के आदेश पर हथबंदी के लिए टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन लोगों द्वारा विरोध किया जा रहा था। जिसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और अग्रिम आदेशों के बाद कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।