नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य बुधवार को बाजपुर के ग्राम भजुवानगला पहुंचे। उन्होंने श्री गुरुद्वारा साहिब परिसर में विधायक निधि से पांच लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित भवन का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में आर्य ने कहा कि सिख गुरुओं की शिक्षाएं भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत की आत्मा हैं। सिख गुरुओं का भारत की सनातन परंपरा में योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोबिंद सिंह जी तथा उनके चारों साहिबजादों ने जिस प्रकार धर्म, देश और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, वह भारत के इतिहास को नई दिशा और प्रेरणा देता है।
गुरु परंपरा ने देश को केवल आध्यात्मिक आस्था ही नहीं दी, बल्कि राष्ट्र की रक्षा, सेवा और त्याग का आदर्श भी स्थापित किया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि इस गौरवशाली विरासत को सहेजकर रखें और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी प्रेरणा पहुंचाएं। उन्होंने गुरुद्वारा साहिब के सौंदर्यीकरण के लिए 2.5 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की ओर से आर्य को सरोंपा और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
यहां पालिकाध्यक्ष गुरजीत सिंह गित्ते, ब्लॉक प्रमुख पति जोरावर सिंह भुल्लर, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सरदार हरमिंदर सिंह ढिल्लन ‘लाडी’, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पवन शर्मा, जिला पंचायत सदस्य मो. फुरकान सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।










