चमोली के जिला आबकारी अधिकारी (डीईओ) सहित विभाग के दो और कर्मचारी दफ्तर से नदारद हैं। राजस्व निरीक्षक चंद्र सिंह बुटोला की तहरीर पर गुरुवार को थाना गोपेश्वर में तीनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई। इस बीच गुरुवार को शासन ने आराधना को डीईओ चमोली का अतिरिक्त चार्ज सौंप दिया।
थानाध्यक्ष गोपेश्वर विनोद चौरसिया ने कहा-तहरीर में बताया गया कि डीईओ दुर्गेश्वर कुमार त्रिपाठी निवासी राजकीय आवास कुंड कॉलोनी 31 मार्च से संपर्क में नहीं हैं। वह अपने कार्यालय में भी नहीं पहुंचे। विभाग के ही सहायक लेखाकार धीरज भट्ट और कनिष्ठ सहायक मनीष रावत भी एक अप्रैल से नदारद हैं। इसके आधार पर तीनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मालूम हो एक अप्रैल को डीएम संदीप तिवारी ने जिला आबकारी कार्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान उक्त तीनों दफ्तर में नहीं मिले थे।
डीएम ने बताया कि नये वित्त वर्ष में अंग्रेजी शराब की दुकानों का व्यवस्थापन किया जाना है। इसके लिए आबकारी अधिकारी को बुलाया था पर वो उपस्थित नहीं हुए। इस पर जिला आबकारी कार्यालय का निरीक्षण किया तो वो और दो अन्य कर्मचारी नदारद थे। इधर, चमोली के डीएम की कार्रवाई के विरोध में आबकारी महकमे के सभी संगठन लामबंद हो गए हैं।
आराधना को चार्ज और त्रिपाठी से स्पष्टीकरण तलब
आबकारी निरीक्षक चमोली आराधना रावत को जिला आबकारी अधिकारी का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। चमोली के डीईओ दुर्गेश्वर कुमार त्रिपाठी को प्रशासनिक आधार पर मुख्यालय से अटैच किया गया है। प्रमुख सचिव एल. फैनई ने गुरुवार को यह आदेश किए। उधर, सरकार ने त्रिपाठी से 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। इस संबंध में एल. फैनई की ओर से जारी आदेश में कहा गया है की जिला आबकारी अधिकारी ने डीएम के विरुद्ध शिकायत विभागीय प्रमुख के बजाय सीधे मुख्यमंत्री को भेजी है। यह कर्मचारी आचरण सेवा नियमावली का उल्लंघन है।