हरिद्वार के रुड़की में स्कूल की शिक्षिकाओं की लापरवाही से तीसरी कक्षा का एक बच्चा स्कूल में ही बंद रह गया। शाम के समय जब कुछ लोगों को बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो वहां भीड़ एकत्रित हो गई। मामले की जानकारी पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्कूल खुलाया, तो वहां लगभग चार घंटे बाद आठ साल बच्चा रोता बिलखता हुआ मिला। खंड शिक्षा अधिकारी ने मामले में जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के अंबर तालाब में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर-12 में लोगों को बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। रोने की आवाज आने से वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत ही स्कूल का मैन गेट खुलवाया। जब पुलिस स्कूल के भीतर पहुंची तो करीब आठ साल का एक बच्चा रोता बिलखता एक कक्षा में मिला।
सूचना पर बच्चे के अभिभावक भी वहां पहुंच गए। अभिभावक दोपहर से बच्चे की तलाश कर रहे थे। बच्चे के घर न पहुंचने की वजह से वह बेहद परेशान हो गए थे। लोगों का कहना है कि स्कूल की शिक्षिकाओं को स्कूल बंद करने से पहले अनिवार्यरुप से यह जरूर देखना चाहिए था कि स्कूल में कोई बच्चा तो नहीं रह गया है। बच्चे का नाम नयन है।
बीईओ अभिषेक शुक्ला का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं मिली है। वह इस मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। जांच के बाद मामले में सख्त कार्रवाई करेंगे।










