उत्तराखंड में संगठित अपराधियों और कुख्यात गैंगस्टरों के खिलाफ एसटीएफ ने फिर सख्त कार्रवाई की है। हरिद्वार में सक्रिय प्रवीण वाल्मीकि गैंग के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई में गैंग के दो प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया और उनके खिलाफ थाना गंगनहर में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार होने वाला एक आरोपी भाजपा पार्षद मनीष बॉलर है। यह जेल में बंद गैंग के सरगना और कुख्यात बदमाश प्रवीण वाल्मिकि का भतीजा है। मनीष को जेल से ही ऑर्डर मिलते थे। उधर, गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने मनीष बॉलर को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
एसटीएफ के एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से गोपनीय सूचनाएं और अज्ञात प्रार्थना पत्र मिल रहे थे, जिनमें बताया गया कि प्रवीण वाल्मीकि — जो कभी कुख्यात सुनील राठी गैंग का हिस्सा रह चुका है — हरिद्वार में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। भले ही प्रवीण वाल्मीकि इस समय सितारगंज जेल में बंद है, लेकिन वह अपने गुर्गों के जरिए हरिद्वार में पार्किंग ठेकों और बेशकीमती जमीनों पर अवैध कब्जे करा रहा था। गैंग ने अब तक कई हत्याओं और अपराधों को अंजाम दिया है।
गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश तेज
मामले की जांच एएसपी स्वपन किशोर सिंह और सीओ आरबी चमोला की टीम ने शुरू की। तथ्यों की पुष्टि होने पर 27 अगस्त को निरीक्षक एनके भट्ट के नेतृत्व में थाना गंगनहर में प्रवीण वाल्मीकि, उसके भतीजे मनीष बॉलर, पंकज अष्टवाल सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। एफआईआर में धारा 120बी, 420, 467, 468, 471 आईपीसी और बीएनएस की धारा 111, 251, 352 लगाई गई हैं।
इसके बाद 27 अगस्त की देर रात एसटीएफ ने हरिद्वार के गंगनहर क्षेत्र से प्रवीण के भतीजे मनीष बॉलर और उसके साथी पंकज अष्टवाल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी सुनेहरा, थाना गंगनहर, हरिद्वार के निवासी बताए जा रहे हैं।
संपत्ति हड़पने का जाल
एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि प्रवीण वाल्मीकि गैंग ने रुड़की के ग्राम सुनेहरा में श्याम बिहारी की करोड़ों रुपये की संपत्ति को हड़पने की साजिश रची। श्याम बिहारी की 2014 में मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति की देखभाल उनके छोटे भाई कृष्ण गोपाल कर रहे थे। 2018 में गैंग ने कृष्ण गोपाल की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद श्याम बिहारी की पत्नी रेखा ने संपत्ति की देखभाल शुरू की। प्रवीण वाल्मीकि ने उसे धमकाकर संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बनाया। रेखा के मना करने पर 2019 में उनके भाई सुभाष पर गोली चलवाई गई। जिसके बाद परिवार डर के मारे रुड़की छोड़कर अज्ञात स्थान पर चला गया।
इसके बाद गैंग ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर रेखा और कृष्ण गोपाल की पत्नी स्नेहलता के नाम से फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाई और संपत्ति को बेच दिया। इस काम में मनीष बॉलर और पंकज अष्टवाल ने मुख्य भूमिका निभाई।
हरिद्वार जेल में साजिश
वर्ष 2022 में प्रवीण वाल्मीकि और सुनील राठी हरिद्वार जेल में बंद थे। उसी दौरान जेल में बंद संदीप कुमार (एरोन) की कनखल क्षेत्र में 3.5 करोड़ रुपये की संपत्ति पर कब्जे का विवाद चल रहा था। प्रवीण ने अपने भतीजे मनीष बॉलर और संजय चांदना को इस संपत्ति को हड़पने का निर्देश दिया। जनवरी 2023 में एरोन के जेल से छूटने के बाद गैंग ने बिना कोई भुगतान किए संपत्ति का फर्जी एग्रीमेंट अपने नाम कर लिया। हालांकि, बाद में सुनील राठी के दबाव में यह एग्रीमेंट रद्द करवाया गया।
जांच जारी
एसटीएफ ने बताया कि पूछताछ में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले अन्य सदस्यों की जानकारी मिली है। जिनकी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। साथ ही, प्रवीण वाल्मीकि गैंग के अन्य अवैध संपत्ति हड़पने के मामलों की जांच भी की जा रही है।









