दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज और स्टे पॉजिटिव ट्रस्ट ने रविवार को शहर में आवारा कुत्तों के प्रबंधन से जुड़ी एक ऐप्लीकेशन को लॉन्च की। यह ऐप आवारा कुत्तों से जुड़े डॉक्यूमेंट्स और उनकी निगरानी करेगी। लॉन्चिंग के दौरान कहा गया कि इस ऐप के जरिए आवारा कुत्तों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है।
कॉलेज द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, इस ऐप की मदद इन कुत्तों की रियल टाइम ट्रैकिंग, मेडिकल अलर्ट और स्वास्थ्य रिकॉर्ड मुहैया कराए जा सकेंगे। इसकी मदद से समय पर टीकाकरण और उपचार का भी बंदोबस्त किया जा सकेगा।
आवारा कुत्तों के कल्याण के उद्देश्य से तकनीकी पहल के जरिए, मुफ्त टीकाकरण कैंप आयोजित किए गए। क्यूआर-कोड वाले डिजिटल आईडी कॉलर भी बांटे गए। इन कॉलर की खास बात यह है कि कुत्ते के टीकाकरण और हेल्थ की हालत की तुरंत जांच करने में सक्षम बनाते हैं। इससे जानवरों और निवासियों दोनों के लिए एक सुरक्षित रहेगा।
कॉलेज प्रचार्य ने आगे बताया कि कॉलेज के इको-क्लब ‘भूमि’ द्वारा चलाई जा रही इस परियोजना का उद्देश्य शिक्षा के साथ-साथ सहानुभूति और करुणा को बढ़ावा देना है। लॉन्च के दौरान ऐप का लाइव प्रदर्शन और स्वयंसेवकों के रजिस्ट्रेशन का भी आयोजन किया गया।
स्टेपॉज़िटिव ट्रस्ट की सह-संस्थापक क्षिप्रा झा ने बताया, इको क्लब के छात्र ऐप-आधारित डेटा संग्रह का नेतृत्व करेंगे, परिसर में टीकाकरण अभियान के दौरान पशु चिकित्सा टीमों की सहायता करेंगे और आवारा पशुओं के साथ ज़िम्मेदाराना व्यवहार को प्रोत्साहित करने वाले जन जागरूकता अभियान चलाएँगे।
22 अगस्त को, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर के शेल्टर होम से आवारा कुत्तों को छोड़ने पर रोक लगाने का आगेश दिया था। इससे पहले 11 अगस्त के निर्देश में संशोधन किया गया। नए आदेश में कोर्ट ने कहा, उठाए गए कुत्तों की नसबंदी की जानी चाहिए, उनका टीकाकरण किया जाना चाहिए और उन्हें वापस उसी क्षेत्र में छोड़ दिया जाना चाहिए।










