धर्मांतरण का अड्डा पकड़ा, हिंदू से ईसाई बना राजकुमार चला रहा था नेटवर्क

0
571

एक कॉलोनी में धर्मांतरण का अड्डा चल रहा था। प्रत्येक रविवार को प्रार्थना सभा के नाम पर भीड़ जुटाई जाती थी। पुलिस ने अड्डा संचालक सहित आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। सभी को सोमवार को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।

उत्तर प्रदेश के आगरा के शाहगंज क्षेत्र निवासी सुनील करमचंदानी और घनश्याम हेमलानी ने धर्मांतरण के बारे में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से शिकायत की थी। उन्होंने इस बारे में पुलिस आयुक्त दीपक कुमार को बताया। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर शाहगंज पुलिस केदार नगर निवासी राजकुमार लालवानी के घर पर नजर रख रही थी। हर रविवार को आयोजित होने वाली प्रार्थना सभा के बारे में जानकारी जुटा रही थी। छानबीन में पुलिस को पता चला कि प्रार्थना सभा में बाइबिल का पाठ पढ़ाया जाता था।

लोगों को बताया जाता था कि टीका लगाने और कलावा बांधने से कष्ट दूर नहीं होते हैं। प्रभु ईसा मसीह चमत्कार करते हैं। कष्ट दूर जाते हैं। उनकी प्रार्थना करने से बीमार पास नहीं आती है। जो गंभीर रूप से बीमार हैं प्रार्थना सुनने से वे ठीक हो जाते हैं। इस वजह से प्रार्थना सभा में मरीज अपना इलाज कराने भी आते थे। तंत्र-मंत्र का झांसा देकर झाड़-फूंक भी की जाती थी। प्रार्थना सभा में लोगों को बताया जाता था कि मसीह समाज बहुत बड़ा है। गरीबों के लिए बहुत काम करता है। बच्चों को मुफ्त शिक्षा मिलती है। मिशनरी स्कूलों में शिक्षित होने पर आराम से नौकरी मिलती है। मिशनरी अस्पताल में मुफ्त इलाज मिलता है।

पहले भी पकड़े जा चुके हैं ऐसे मामले

सदर की सगी बहनों का धर्मांतरण कराया गया। उन्हें पुलिस ने कोलकाता से बरामद किया था। 14 आरोपित जेल भेजे गए। सगी बहनें इस्लाम के पक्ष में कार्य करने वाले गिरोह के चंगुल में थी। उसी तरह से ईसाई बनाने के लिए भी गैंग सक्रिय हैं। आगरा में पूर्व में कई बार धर्मांतरण के आरोप में ईसाई समाज के लोग पकड़े जा चुके हैं। हर बार पुलिस शांतिभंग में चालान करके मामले को रफादफा कर देती थी। प्रदेश में धर्मांतरण के खिलाफ कानून बन चुका है। इस वजह से धर्म संपरिर्वतन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा लिखा गया है।

बिजली के सामान की दुकान चलाता है राजकुमार लालवानी

डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया जांच में पता चला कि राजकुमार लालवानी बिजली के सामान की दुकान चलाता है। चार साल पहले ही उल्लास नगर, महाराष्ट्र से आगरा रहने आया है। उसने धर्म परिवर्तन कर लिया है। वह ईसाई बन गया है। ईसाई धर्म का प्रचार कर रहा है। प्रार्थना सभा में जो लोग आते हैं उन्हें मसीह समाज की किताबें और साहित्य दिया जाता है। व्हाट्सएप पर चर्च ऑफ गॉड के नाम से एक ग्रुप बना हुआ है। उसमें 86 सदस्य हैं। ग्रुप में प्रतिदिन ईसाई धर्म के प्रचार के लिए कोई न कोई संदेश और वीडियो अपलोड किया जाता है। प्रत्येक प्रार्थना सभा का वीडियो यूट्यूब पर चर्च ऑफ गॉड आगरा नाम से बने पेज पर अपलोड किया जाता है। राजकुमार लालवानी अकेला नहीं है। उसे बाहर से आर्थिक मदद मिलती है।

इनकी हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने राजकुमार लालवानी (केदारनगर), जय कुमार (राधे हाईट्स शास्त्रीपुरम), अरुण कुमार (बारहखंभा), कमल कुंडलानी (राहुल ग्रीन, दयालबाग), अनूप कुमार (पंचशील कॉलोनी, दौरेठा) व नीता, मीनू और ट्विंकल नाम की महिला को पकड़ा है। सभी के खिलाफ संगठित अपराध और विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

यह हुई बरामदगी

15 बाइबिल, तीन गीतों की किताबें, चार डायरी, छह मोबाइल, दो कार और 13665 रुपये बरामद किए गए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here