उत्तराखंड के हरिद्वार में विवाहिता को जिंदा जलाने के प्रयास का मामला सामने आया है। महिला आग की लपटों के साथ दौड़ती-चीखती पड़ोसियों के घर पहुंची। लोगों ने आग बुझाकर महिला की जान बचाई। महिला 60 फीसदी तक जल गई है। हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। पुलिस ने हत्या के प्रयास में पति और सास पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शुक्रवार को सुल्तानपुर क्षेत्र के भगतनपुर गांव में 30 वर्षीय विवाहिता पारुल अपनी ससुराल में थी। सुबह करीब साढ़े आठ बजे संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता को आग लग गई। विवाहिता के चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे। इस दौरान आग की लपटों में घिरी विवाहिता को देखकर लोगों के होश उड़ गए। आग की लपटों के साथ वह दौड़कर पड़ोस के एक घर में आ गई। पड़ोसियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाया। लेकिन तब तक करीब 60 प्रतिशत तक जल गई थी।
पड़ोसियों ने जान बचाई, ले गए अस्पताल
आनन फानन में ग्रामीण उसे पास के एक अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया था। ग्रामीण ही विवाहिता को लेकर देहरादून पहुंचे। देहरादून के एक अस्पताल में विवाहिता का उपचार चल रहा है। हालांकि अभी उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
बताया जा रहा है। घटना के बाद से ही उसका पति फरार है। सूचना पाकर पहुंचे परिजनों ने ससुराल पक्ष के लोगों ने अपनी बेटी को जलाकर मारने का आरोप लगाते हुए कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर दी। लक्सर कोतवाली एसएसआई लोकपाल परमार ने बताया कि पुलिस ने विवाहिता के भाई की तहरीर पर उसके पति संजय और उसकी सास के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पति की तलाश की जा रही है।









