बाजपुर की राम भवन धर्मशाला के समीप स्थित एक प्रतिष्ठान पर सरदार उधम सिंह कंबोज के पड़पौत्र हरदियाल सिंह कंबोज पहुंचे। जहां उन्होंने केंद्र सरकार पर देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले वीर सपूतों को शहीद का दर्जा नहीं दिए जाने का आरोप लगाया।
बता दे कि बाजपुर के नैनीताल रोड स्थित राम भवन धर्मशाला के समीप स्थित रामशरण नड्डा के प्रतिष्ठान पर उधम सिंह कंबोज के पड़पौत्र हरदियाल सिंह कंबोज पहुंचे। जहां लोगों ने हरदियाल सिंह कंबोज का स्वागत किया। इस दौरान हरदयाल सिंह कंबोज ने बताया कि उधम सिंह कंबोज ने जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लिया था और अपने प्राण न्योछावर किए थे।
इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड की सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि उत्तराखंड की सरकार ने उधम सिंह कंबोज के नाम पर जिला घोषित किया। उन्होंने कहा कि सरकार वीर सपूतों को सम्मान तो दे रही है, लेकिन आज भी उन वीर सपूतों को शहीदी का दर्जा केंद्र सरकार द्वारा नहीं दिया जा रहा है। यह देश की बहुत बड़ी विडंबना है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को ऐसे वीर सपूतों को शहीदी का दर्जा देना चाहिए, जिससे देश की आने वाली पीढ़ियां अपने देश के लिए आगे आ सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि उधम सिंह कंबोज की इच्छा थी कि हमारा देश शिक्षित और नशा मुक्त हो ऐसे में लोगों को जागरूक होना चाहिए और नशे से दूर रहकर देश को आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहिए।
इस दौरान हरदियाल सिंह कंबोज ने यह भी कहा कि शहीदों की कोई जाति नहीं होती है लेकिन कुछ लोग शहीद उधम सिंह कंबोज को विभिन्न जातियों से जोड रहे हैं लेकिन उधम सिंह कंबोज थे जिनकी कोई ओर जाति नहीं थी। इस मौके पर परमजीत हांडा, बलविंदर सिंह हांडा, भगवान सिंह, केशव खिंडा, ललित कोछड़, अश्वनी जैन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।










