उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य के संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल के उस बयान पर चुटकी ली है, जिसमें उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा था। दरअसल, मानसून सत्र में कांग्रेस विधायकों ने आपदा और नैनीताल चुनाव में अपहरणकांड को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला था। कांग्रेस नेताओं ने दो दिन सत्र के दौरान लगातार हंगामा जारी रखा।
कांग्रेस नेताओं का मानसून सत्र में हंगामे का आलम यह था कि उन्होंने रात भी सदन में ही बिताई। यह एक तरह से राज्य में अनोखा रिकॉर्ड है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार के खिलाफ न सिर्फ सदन के भीतर सदन के बाहर भी वोट चोर की तख्तियों के साथ सरकार पर जमकर हल्ला बोला।
सुबोध उनियाल के प्रस्ताव पर चुटकी
सुबोध उनियाल के कांग्रेस नेताओं के निलंबन वाले प्रस्ताव पर पूर्व सीएम और दिग्गज कांग्रेसी हरीश रावत ने चुटकी ली। उन्होंने सोशल मीडिया में लिखा कि अब उन्हें विश्वास हो गया है कि सुबोध बिहार के ही हैं। उन्होंने कहा, “वह बार-बार अपने को बिहार का उनियाल बताते हैं। शेष उनियाल तो हमारे अपने हैं, मगर सुबोध बिहार के ही उनियाल हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय उनकी सरकार ने वर्ष 2015-16 में नहीं लिया था, जब दल बदलने की स्थिति स्पष्ट हो गई थी।
सुबोध उनियाल का बिहार वाला बयान
दरअसल, हाल ही में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का भी बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। उन्होंने कहा था कि “हमारे नाम वाले यानी उनियाल लोग बिहार से आए हैं, वहीं कई अन्य जातियां राजस्थान, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों से उत्तराखंड में आई हैं।” उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के असली निवासी सिर्फ जनजातीय लोग हैं, बाकी लोग करीब 700–800 साल पहले अन्य राज्यों से यहां आकर बस गए।











