ये दिल मांगे मोर… कारगिल के हीरो कैप्टन विक्रम बत्रा की 40 दिन की अनोखी प्रेम कहानी

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कारिगल के हीरो परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा को ‘शेरशाह’ के नाम से भी जाना जाता है। आज 9 सितंबर के ही दिन वे हिमाचल के छोटे से इलाके पालमपुर में जन्मे थे। कारगिल युद्ध में उनकी जाबांजी जितनी रोमांचक है, उनकी लव स्टोरी भी उतनी ही दिल पर उतर जाने वाली है। कैप्टन विक्रम बत्रा को डिंपल चीमा से प्यार हो गया था। हालांकि उनका साथ सिर्फ 40 दिन ही चल पाया।

किस्मत दोनों को कैसे करीब लाई

विक्रम और डिंपल की मुलाकात पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में 1995 में हुई थी। उस वक्त दोनों अंग्रेजी साहित्य में मास्टर डिग्री कर रहे थे। हालांकि दोनों अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए, लेकिन किस्मत ने उन्हें एक-दूसरे के करीब ला दिया। सेना में भर्ती होने के बाद, विक्रम और डिंपल का रिश्ता और भी मजबूत हुआ। डिंपल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वे चार साल तक एक-दूसरे को जानते थे, लेकिन केवल 40 दिन ही साथ में बिता पाए।

खून से मांग भरी

विक्रम ने अपने प्यार को अनोखे तरीके से जताया। उन्होंने डिंपल की मांग में खून भरा, जो उनके रिश्ते की सच्चाई और गहराई को दर्शाता है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘शेरशाह’ में भी दोनों की लव स्टोरी को बहुत ही अच्छे तरीके से दिखाया गया है। फिल्म भी दर्शकों द्वारा खूब सराही गई।

गुरुद्वारा में लिए चार फेरे

डिंपल ने बाद में बताया कि उनका और विक्रम का रिश्ता बेहद खास था। वे अक्सर मंसा देवी मंदिर और गुरुद्वारा जाते रहते थे। एक दिन की बात है, जब वे गुरुद्वारा में परिक्रमा कर रहे थे, तो विक्रम उनके पीछे-पीछे उनका दुपट्टा पकड़कर चल रहा था। परिक्रमा पूरी होने के बाद उसने डिंपल से कहा, “बधाई हो मिसेज बत्रा, हमने अपने चार फेरे ले लिए… यह चौथी परिक्रमा है।”

शादी करना चाहते थे, लेकिन नियती में कुछ और

7 जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध के दौरान ‘प्वाइंट 4875’ पर शहादत देने वाले विक्रम बत्रा की अंतिम इच्छा थी कि वे डिंपल से शादी करें, लेकिन नियति ने कुछ और ही लिखा। उनकी शहादत के बाद डिंपल ने शादी न करने का संकल्प लिया और अपनी पूरी जिंदगी उन्हें याद करते हुए बिताई।

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