उत्तराखंड के पौड़ी जिले के श्रीनगर गढ़वाल निवासी एक व्यक्ति से शेयर बाजार में निवेश और डेली ट्रेडिंग के नाम पर एक करोड़ 31 लाख 76 हजार रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसे एक वॉट्सएप ग्रुप पर टिप मिलती थी। पीड़ित की तहरीर पर देहरादून साइबर क्राइम पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
श्रीनगर गढ़वाल के प्रगति विहार निवासी विनोद सिंह ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई है। तहरीर में पीड़ित ने बताया कि छह अक्टूबर को वह एक लिंक के माध्यम से व्हाट्सएप ग्रुप ’71 वेल्थ इन्हेंसमेंट’ से जुड़े थे। इस ग्रुप में शेयर बाजार से जुड़ी टिप्स दी जाती थीं।
पीड़ित विनोद सिंह ने बताया कि ग्रुप में शुरुआती टिप्स सटीक लगीं, जिससे उनका भरोसा बढ़ा। ठगों ने उन्हें एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया और छोटे निवेश से अच्छा रिटर्न दिखाकर लालच दिया। धीरे-धीरे उन्होंने बड़े अमाउंट ट्रांसफर किए, लेकिन जब पैसे निकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स, फीस या अन्य बहाने बनाकर और पैसे मांगे। अंततः ग्रुप एडमिन गायब हो गए और खाते ब्लॉक हो गए।
साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार, यह ठगी का क्लासिक तरीका है जहां व्हाट्सएप ग्रुप्स में फर्जी प्रॉफिट स्क्रीनशॉट और स्टॉक टिप्स शेयर कर पीड़ितों का विश्वास जीता जाता है। उत्तराखंड में ऐसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां शेयर मार्केट निवेश के नाम पर लाखों-करोड़ों की ठगी हो रही है। पुलिस ने ठगों के बैंक खातों और आईपी एड्रेस को ट्रेस करने की प्रक्रिया शुरू की है।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ग्रुप्स में कभी भी पैसे निवेश न करें। SEBI रजिस्टर्ड ब्रोकर ही इस्तेमाल करें और अनजान लिंक्स पर क्लिक करने से बचें। यदि ठगी का शक हो तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें। यह मामला एक बार फिर साइबर जागरूकता की जरूरत को उजागर करता है।
पीड़ित परिवार सदमे में है और पुलिस से जल्द न्याय की उम्मीद कर रहा है। ऐसे मामलों में रिकवरी मुश्किल होती है, लेकिन पुलिस की तेज जांच से कुछ राशि वापस मिलने की संभावना है। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें!










