पूर्व सीएम और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का वीडियो घोर आपत्तिजनक है। मैं समझता हूं कि यदि उन्हीं से पूछा जाए तो वह मानेंगे कि उनसे गलती हुई।
दून में मीडिया से बात करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि संसदीय कार्यमंत्री का जो वीडियो मैंने देखा, उसमें उनकी भाषा घोर आपत्तिजनक है। इसे कोई स्वीकार नहीं कर सकता।
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वह हमारे संसदीय कार्यमंत्री होने के साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कई बार के विधायक भी हैं। ऐसे में उनसे इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती।
त्रिवेंद्र सिंह रावत बोले, ऐसे बयान पर लोगों की नाराजगी स्वाभाविक है और इसे समझा भी जा सकता है। हालांकि त्रिवेंद्र ने यह भी कहा कि इस बयान के आधार पर राज्य का माहौल खराब करना कतई उचित नहीं है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि राज्य की एकजुटता बनाए रखें।
उधर, भाजपा के धर्मपुर विधायक विनोद चमोली, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी के बचाव में आगे आए। मंगलवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सदन में हम एकतरफा व्यवहार नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि हमें यह भी देखना होगा कि अध्यक्ष की कुर्सी पर हमारी ही बेटी बैठी है। एक बयान के आधार पर हम किसी के पूरे जीवन का योगदान नहीं भूल सकते। चमोली ने कहा कि स्पीकर ने सदन का माहौल सुधारने का काम किया। हम अपने लोगों को टारगेट कर मामले को गलत दिशा में मोड़ेंगे तो कमजोर हो जाएंगे। मेरा अनुभव बोलता है कि हमें अपने लोगों को प्रोटेक्ट करना चाहिए।
वही विनोद चमोली ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनप्रतिनिधियों के बयानों से आज पूरा उत्तराखंड शर्मसार हो रहा है। इस पर नियंत्रण होना चाहिए। सामान्य तौर पर भी हमें शिष्टाचार की भाषा प्रयोग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों के साथ भाजपा ने भी मामले का संज्ञान लिया है। ऐसे में अब हमें आगे बढ़ना चाहिए।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनप्रतिनिधियों के बयानों से आज पूरा उत्तराखंड शर्मसार हो रहा है। इस पर नियंत्रण लगना चाहिए। सामान्य बातचीत में भी हमें शिष्टाचार का ध्याना रखना चाहिए। हालांकि अब आगे बढ़ना चाहिए क्योंकि यदि इसी में उलझे रहे तो राज्य का विकास प्रभावित होगा।
–विनोद चमोली, विधायक, धर्मपुर