उत्तराखंड में प्रदेश सरकार से किसान इतने खफा हो चुके है कि किसानो को अपना हक लेने के लिए बार बार प्रदर्शन करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक बार फिर से देखने को मिला है। जहां किसानो ने प्रदेश सरकार और चीनी मिल द्वारा गन्ने का भुगतान नहीं करने पर प्रदेश सरकार और चीनी मिल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही किसानों ने चीनी मिल के गेट को बंद कर चीनी मिल में गन्ने की ट्रालियों को जाने से रोक दिया। वही मौके पर पहुंचे चीनी मिल के जीएम हरवीर सिंह ने किसानो को जल्द गन्ने का भुगतान करवाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद किसानो ने चीनी मिल के गेट को खोल दिया।
बता दें कि बाजपुर के चीनी मिल में गन्ना किसान भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा के नेतृत्व में एकत्र हुए। जहां किसानों ने प्रदेश सरकार और चीनी मिल प्रशासन पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही किसानों ने प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना किसानों का भुगतान नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए चीनी मिल के गेट को बंद करते हुए जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा ने कहा कि चीनी मिल को चलते हुए 2 माह से ऊपर का समय हो चुका है, लेकिन प्रदेश सरकार और चीनी मिल प्रशासन द्वारा किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं किया गया है। जिससे किसानों के सामने काफी परेशानियां आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही गन्ना किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं किया गया तो किसान चीनी मिल को पूर्ण रूप से बंद करने को बाध्य होंगे। जिसकी जिम्मेदारी चीनी मिल प्रशासन और प्रदेश सरकार की होगी।
वही मौके पर पहुंचे चीनी मिल के जीएम हरवीर सिंह ने किसानो को समझा बुझाकर शांत किया। उन्होंने कहा कि कुछ तकनीकी समस्याओं के चलते गन्ने का भुगतान नहीं किया गया था, जिसको लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री और गन्ना मंत्री से वार्ता की जायेगी और गन्ना किसानों को भुगतान करा दिया जाएगा। जिसके बाद किसानो ने चीनी मिल के बंद गेट को खोल दिया।