पहाड़ी क्षेत्रों में इन दिनों सोना-चांदी साफ करने के नाम पर ठगी करने वाला एक शातिर गिरोह सक्रिय है। भोली-भाली महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले ये ठग ‘चमक’ का लालच देकर कीमती गहनों का वजन कम कर रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि घर-घर घूमने वाले इन फेरीवालों के पास मौजूद ‘जादुई केमिकल’ असल में आपकी मेहनत की कमाई को गलाने का हथियार है।
केमिकल का ‘खतरनाक’ खेल
ठगी का यह तरीका बेहद पेशेवर है। ये जालसाज खुद को ज्वेलरी पॉलिशिंग का विशेषज्ञ बताते हैं और ‘अक्वा रेजिया’ (Aqua Regia) व ‘नाइट्रिक एसिड’ जैसे रसायनों का इस्तेमाल करते हैं। अल्मोड़ा के प्रसिद्ध आभूषण विक्रेता बताते हैं कि जब सोने को इन रसायनों में डाला जाता है, तो सोने की ऊपरी परत पूरी तरह केमिकल में घुल जाती है। ऊपर से गहना नया जैसा चमकता है, लेकिन उसका वास्तविक वजन काफी कम हो जाता है। उदाहरण के तौर पर, 6 ग्राम की चेन सफाई के बाद केवल 4 ग्राम की रह जाती है।
पहाड़ का भोलापन और ठगों की चतुराई
शहरों से दूरी और बाजार तक पहुंचने में होने वाली असुविधा का फायदा ये गिरोह उठाते हैं। इनकी बातचीत इतनी चतुर होती है कि ग्रामीण आसानी से इनके झांसे में आ जाते हैं। ठग यह दावा करते हैं कि वजन रत्ती भर भी कम नहीं होगा, लेकिन जब तक पीड़ित को वजन घटने का अहसास होता है, तब तक ये अपराधी क्षेत्र से फरार हो चुके होते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह: पक्की दुकान ही सुरक्षा
आभूषण विक्रेता के अनुसार, ज्वेलरी की सुरक्षा के लिए केवल दो ही तरीके कारगर हैं:
पंजीकृत ज्वेलर्स: हमेशा अपनी भरोसेमंद और पक्की दुकान पर ही सफाई कराएं। पक्के दुकानदार साख के डर से कभी धोखाधड़ी नहीं करते।
फेरीवालों से दूरी: किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना कीमती गहना हाथ में न दें।
सतर्कता ही बचाव है
स्थानीय प्रशासन और जागरूक नागरिकों का कहना है कि अगर गांव में कोई भी अनजान व्यक्ति सोना साफ करने का दावा करते हुए आए, तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस या ग्राम प्रधान को दें। अपने घर की महिलाओं और बुजुर्गों को रसायनों के इस खेल के बारे में समझाएं ताकि वे अपनी गाढ़ी कमाई न गंवाएं।










