उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के सितारगंज में उस वक्त माहौल गमगीन हो गया जब वहां के नौजवान राकेश की लाश पैतृक गांव पहुंची. बताया जा रहा है कि राकेश स्टूडेंट वीजा पर पढ़ने गया था. लेकिन वह बाद में रूस-यूक्रेन की लड़ाई में शामिल हो गया, जहां उसकी मौत हो गई. राकेश सितारगंज के शक्ति फार्म का रहने वाला था. परिवार वालों ने राकेश को वापस लाने के लिए अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई थी. लेकिन इस बीच इसी महीने राकेश की मौत हो गई. गमगीन माहौल में बुधवार को राकेश की अंत्योष्टि की गई.
रूस में पढ़ाई करने गया था राकेश
उत्तराखंड के सितारगंज विधानसभा के शक्तिफार्म क्षेत्र के रहने वाला राकेश कुमार उम्र 30 वर्ष स्टडी बीजा पर रूस पढ़ाई करने गया था. इस दौरान राकेश का वीजा और पासपोर्ट जब्त कर उसे जबरदस्ती रूसी सेना में भर्ती कर दिया गया था, जिसके बाद उसके परिजनों को सूचना मिलने के बाद उन्होंने प्रयास किया की उनका बेटा रूस से वापस आ जाएं.
परिवार ने दिल्ली में लगाई थी बेटे की वापसी की गुहार
दिल्ली जाकर उन्होंने भारत सरकार के अधिकारियों से मुलाकात की थी. अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही राकेश को भारत वापस लाया जाएगा. 10 दिन पहले अधिकारियों ने परिवार से सम्पर्क कर बताया कि राकेश शहीद हो गया है. मृतक राकेश कुमार के शव का सितारगंज के शक्तिफार्म फार्म आया, जहां आज शव का अंतिम संस्कार संस्कार हो गया है.
राकेश ने खुद दी थी ट्रेनिंग की जानकारी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक राकेश कुमार की उम्र लगभग 30 वर्ष थी. उनके पिता का नाम राजबहादुर मौर्य है. राेकेश 8 अगस्त 2025 को रूस गया था. विदित हुआ है कि उसकी मृत्यु हो गई है. 17 दिसंबर 2025 को राकेश कुमार के शव को हवाई मार्ग से दिल्ली एयरपोर्ट लाये जाने के बाद शाम को परिजनों द्वारा मृतक का तारकनाथ धाम शक्तिफार्म में दाह संस्कार किया गया. राकेश कुमार के पिता ने कहा कि उनका बेटा 8 अगस्त 2025 को पढ़ाई के लिए रूस गया था. 30 अगस्त 2025 तक राकेश ने अपने परिजनों से बात की, जिसमें उसने बताया कि रूस में उसको आर्मी की ट्रेनिंग दी जा रही है तथा यूक्रेन युद्ध में भेजा जाएगा. 30 अगस्त 2025 के बाद परिजनों का राकेश कुमार का उसके परिजनों से कोई संपर्क नहीं हुआ.










