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लंबे समय से चली आ रही एलिवेटेड फ्लाई ओवर ब्रिज की मांग को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा अनदेखा किये जाने से व्यथित चंद्र प्रकाश बृजवासी द्वारा आगामी स्वतंत्रता दिवस को आत्महत्या किए जाने के दृढ़ संकल्प से बेचैन ग्रामीणों ने पौराणिक स्थल जयकुंड के सामने पोला वाली बगीची में पंचायत का आयोजन किया। बाद में ग्रामीण इस विषय को लेकर मथुरा की सांसद हेमामालिनी से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। चंद्र प्रकाश बृजवासी की अटल प्रतिज्ञा के बारे में जानकारी होने पर सांसद हेमामालिनी ने खुद को गांववालों के साथ बताया और सुसाइड का ख्याल दिमाग से बिल्कुल निकाल देने की बात कही। उन्होंने गांववालों को सफलता का मंत्र भी दिया। कहा कि जिंदा रहकर ही जंग जीती जाती है, मरकर नहीं।
इसके पहले पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि रिंग रोड और बाईपास बनाए जा सकते हैं, सड़कों का जाल बिछाया जा सकता है तो जैंत पर एलिवेटेड ब्रिज क्यों नहीं बनाया जा सकता आखिर क्यों हो रही है जैंत की उपेक्षा। औसतन जैंत में हर रोज अकाल मौत हो रही हैं, लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं जिम्मेवार लोग मौन साधे हुए हैं। पंचायत में उपस्थित ग्रामीणों ने हाईवे अथॉरिटी की असंवेदनशील प्रणाली पर आक्रोश व्यक्त करते हुए इस मुहिम को गति देने के साथ-साथ क्षेत्रीय सांसद से मिलने का निर्णय लिया।
वृंदावन में ओमेक्स सिटी स्थित सांसद आवास पर ग्रामीणों ने पहुंचकर सांसद हेमा मालिनी से मुलाकात की और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा जैंत की उपेक्षा करने से आहत सामाजिक कार्यकर्ता चंद्र प्रकाश बृजवासी की अटल प्रतिज्ञा से अवगत कराया।
सांसद हेमा मालिनी ने ग्रामीणों को पूर्णतया आश्वस्त करते हुए कहा है कि जिंदा रहकर ही जंग जीती जाती है, मरने से नहीं। सुसाइड का ख्याल बिल्कुल दिमाग से निकाल दें, मैं आपके साथ हूं। जैंत में एलिवेटेड ब्रिज बनवाने के लिए राजमार्ग एवं सड़क मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सामने जोरदार तरीके से इस समस्या को रखूंगी। अखिल भारतीय भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं समाज कल्याण संस्थान के मुख्य सचिव दीवान सिंह राजपूत, किसान सभा के प्रहलाद सिंह सैंगर, एमएलसी प्रतिनिधि उमेश प्रताप सिंह, प्रसंजय सिंह, सुभाष प्रधान आदि ग्रामीण उपस्थित थे।











