पढ़ाई के लिए रूस गए उत्तराखंड के एक युवक को जबरन सेना में भर्ती करने और युद्ध के लिए यूक्रेन भेजने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि 30 अगस्त से परिजनों का उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे घर में गहरी चिंता का माहौल है। घरवालों ने विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार लगाई है।
7 अगस्त को गया था रूस
शक्तिफार्म कुसमोठ निवासी राकेश कुमार (30 वर्ष) पुत्र राजबहादुर मौर्या इसी साल 7-8 अगस्त को स्टडी वीजा पर रूस गया था। वहां पहुंचने के बाद उसने घर फोन कर बताया था कि वह कठिन परिस्थितियों में फंस गया है।
विदेश मंत्रालय से गुहार
राकेश के बड़े भाई दीपू मौर्या ने 5 सितंबर को विदेश मंत्रालय को ईमेल कर पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने गुहार लगाई है कि भारत सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर राकेश को सुरक्षित वतन वापस लाए।
रूसी सेना की ड्रेस में भेजा फोटो
दीपू के अनुसार, 30 अगस्त को आखिरी बार राकेश से बात हुई थी। उसने बताया था कि उसे रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया है और जल्द ही उसे यूक्रेन भेजा जाएगा। इसके बाद से उसका मोबाइल बंद है। उसने सेना की ड्रेस पहनकर एक फोटो भी भेजा था।
परिजनों ने रूस में भारतीय दूतावास को पत्र भेजकर मामले की जानकारी दी है और राकेश की सकुशल वापसी की मांग की है। साथ ही उन्होंने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को भी सूचित किया है। परिजन अब विदेश मंत्रालय से किसी ठोस कदम की उम्मीद लगाए बैठे हैं।








