उत्तरकाशी के पत्रकार राजीव प्रताप सिंह की मौत की जांच तेज हो गई है। परिवार वालों का आरोप है कि उन्हें अस्पताल की बदहाली उजागर करने की सजा मिली जिसके लिए पहले भी कई बार धमकियां दी जा चुकी थीं। इस पूरे मामले में अब उत्तरकाशी की पुलिस अधीक्षक (SP) सरिता डोबरल ता बयान सामने आया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पोस्टमार्टम में मौत की वजहें सीने और पेट में अंदरूनी चोटें थीं। राजीव के परिवारजनों ने भी कुछ तथ्य दिए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
SP सरिता डोबरल ने बताया कि राजीव प्रताप के परिवार ने 19 तारीख को पुलिस थाने में उनके लापता होने की सूचना दी थी। इसके बाद, हमने सीसीटीवी फुटेज की जांच की थी। फुटेज से हमें पता चला कि 18 तारीख की रात को राजीव प्रताप अपने दोस्तों के साथ थे, और वे अपने दोस्त की कार में गंगोरी की तरफ गए थे। जो फुटेज हमें रात 11:39 बजे मिली, उसमें वह अकेले कार चलाते दिख रहे हैं। अगले दिन हमें दुर्घटना स्थल पर उनकी कार 500 मीटर दूर मिली। इसके बाद से हम लगातार उनकी तलाश कर रहे थे।
उत्तरकाशी की एसपी ने आगे बताया कि 28 तारीख को उनका शव जोशीयारा बैराज में मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, मौत की वजह सीने और पेट में अंदरूनी चोटें थीं। परिवार के सदस्यों ने कुछ अतिरिक्त तथ्य भी दिए हैं, जिनकी हम जांच कर रहे हैं, और फिलहाल मामले की जांच चल रही है। बता दें कि पिछले 9 दिनों से स्वतंत्र पत्रकारिता कर रहे राजीव प्रताप सिंह लापता चल रहे थे। उनसे कोई संपर्क भी नहीं हो पा रहा था। 10वें दिन उनका शव मिला जिसके बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने खुद इस मामले का संज्ञान लेते हुए गहन एवं निष्पक्ष जांच कराने की बात कही थी।









