‘हेलो! मम्मी/पापा मुझे पुलिस ने ट्रैफिक नियम तोड़ने पर रोका हुआ है। पुलिस अंकल आपसे बात करना चाहते हैं।’ अगर आपका बेटा सड़क पर वाहन चलाते हुए ट्रैफिक नियम तोड़ता है जल्द यह फोन आपको भी आ सकता है।
इसलिए जरूरी है कि अभी बेटे को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें। उसे यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाने के लिए प्रेरित करें। रविवार को पहले दिन पुलिस ने 329 लोगों से बात की।
पिछले एक महीने में देहरादून जिलों में हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। मरने वालों में 90 फीसदी से अधिक ऐसे युवा हैं, जिनकी उम्र 25 वर्ष से कम थी। हादसे में मरने वालों में युवाओं की संख्या ज्यादा होने कारण इनका नियमों के प्रति लापरवाही सामने आती है।
इनमें सबसे बड़ा हादसा ओएनजीसी चौक का है। जिसमें बीते 11 नवंबर की रात कार सवार छह युवाओं की दर्दनाक मौत हो गई। सातवें घायल युवक का उपचार जारी है। हादसों में युवाओं को बचाने के उद्देश्य से एसएसपी अजय सिंह ने देहरादून में अभियान शुरू किया है।
इसके तहत सड़क पर वाहन चलाते जो युवा ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में पकड़े जा रहे हैं, उनका मौके पर चालान करने के साथ ही परिजनों को भी फोन किया जा रहा है। मौके से फोन कर परिजनों को बताया जा रहा है कि उनका बेटा ट्रैफिक नियम तोड़ रहा है। इससे हादसे बढ़ने की संभावना है। वह अपने बेटे को इसके प्रति जागरूक करें।