उत्तराखंड पुलिस ने एपीके फाइलों के जरिए चल रहे एक बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े 3.37 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का सुराग मिला है। चार राज्यों के चार ठग दबोचे गए हैं। यह गैंग फोन हैक करके खाते से पैसा अलग-अलग म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर कर देते थे, ताकि उनका असली पता न चल सके।
नैनीताल एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान तल्लीताल पुलिस ने दोगांव के भेड़ियापाखड़ मोड़ पर एक नेक्सन कार रोकी। जांच में कार में सवार चार युवक संदिग्ध मिले। तलाशी में उनके पास से 11 मोबाइल फोन, 9 सिम कार्ड, कई आधार-पैन कार्ड, चेकबुक, QR कोड, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ।
कैसे करते थे साइबर फ्रॉड?
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सोशल मीडिया के जरिए लोगों के मोबाइल फोन में APK फाइल भेजकर फोन को हैक कर लेते थे। इसके बाद उनके बैंक लेन-देन को ट्रैक कर पैसा अलग-अलग म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर कर देते थे, ताकि उनका असली पता न चल सके। पुलिस ने बताया कि बरामद एक QR कोड दिल्ली पुलिस के एक केस से जुड़े खाते का है। इसलिए दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय किया जा रहा है।
कितना बड़ा है रैकेट?
गिरोह के बैंक खातों की शुरुआती जांच में 3.37 करोड़ रुपये से ज्यादा के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान के अलवर का शुभम गुप्ता, यूपी के बुलंदशहर का पीयूष गोयल, गाजियाबाद का ऋषभ कुमार और हरियाणा के गुरुग्राम का मोहित राठी शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से सैमसंग फोल्ड, आईफोन, ओप्पो रेनो और वनप्लस जैसे महंगे फोन बरामद किए, साथ ही आरोपी जिस नेक्सन कार में चल रहे थे उसे भी जब्त कर लिया है।









