भाजपा के कथित ‘छद्म’ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो में खुद को पाकिस्तानी एजेंट और देश की जासूसी करते हुए दिखाए जाने से क्षुब्ध उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कानूनी लड़ाई का ऐलान कर दिया है। वे 23 दिसंबर को दोपहर 12:45 बजे वे नेहरू कॉलोनी थाने में केस दर्ज कराएंगे। साथ ही साइबर क्राइम थाने में भी शिकायत देंगे। हरीश रावत ने ऐलान किया है कि वे सात दिनों तक भाजपा कार्यालय के बाहर धरना भी देंगे।
हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने वीडियो को तुरंत डिलीट करने की मांग की थी। वीडियो में उनका कथित मुस्लिम प्रेम दिखाया गया था। एआई जनरेटेड वीडियो में हरीश रावत कथित तौर पर उत्तराखंड में मजा-मस्जिद बनाने की बात कर रहे हैं। बैकग्राउंड में मजार, लव जिहाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।
हरीश रावत ने कहा कि 24 दिसंबर को वे पुलिस अधीक्षक, डीएम कार्यालय भी जाएंगे। इसके बाद वे प्रकरण को चुनाव आयोग में भी ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं कर्मनिष्ठ, धर्मनिष्ठ व उदार हिंदू हूं और सबका आदर करता हूं। भाजपा ऐसी सोच रखने वालों को अपना दुश्मन मानती है और इसीलिए मेरे चेहरे का दुरुपयोग कर बदनाम किया जा रहा है।
भाजपा बोली, सहानुभूति का कार्ड खेल रहे हरदा
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा कि हरदा तुष्टिकरण की छवि को हटाने के लिए सहानुभूति कार्ड खेल रहे हैं। चौहान ने कहा कि हरदा किसी भी एजेंसी से जांच कराएं इसमें भाजपा को कोई एतराज नही है। कहा कि हरदा यदि पार्टी मुख्यालय आते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा।










