अंकिता भंडारी केस: पूर्व BJP विधायक सुरेश राठौर अरेस्ट, क्या हैं आरोप?

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देहरादून पुलिस ने बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर एक ऑडियो क्लिप में बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता का नाम 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने वाले कथित बयानों के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने आरोप लगाया था कि अंकिता भंडारी मामले में सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के कुछ ऑडियो-वीडियो उन्हें और अन्य भाजपा नेताओं को बदनाम करने की नीयत से जानबूझकर वायरल किए जा रहे हैं।

हाल ही में उत्तराखंड हाई कोर्ट ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से संबंधित आपत्तिजनक ऑडियो और वीडियो क्लिप को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ दर्ज 4 एफआईआर में से दो को रद्द कर दिया था। हालांकि अदालत ने बाकी दो प्राथमिकी में पुलिस जांच जारी रखने की अनुमति दे दी थी।

दुष्यंत गौतम और आरती गौर ने दी थी शिकायत

शिकायतकर्ताओं दुष्यंत गौतम और आरती गौर ने आरोप लगाया कि प्रसारित सामग्री जानबूझकर उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के मकसद से तैयार की गई थी। वहीं सुरेश राठौर ने देहरादून और हरिद्वार जिलों में अपने खिलाफ दर्ज 4 अलग-अलग प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें चुनौती दी थी।

हाईकोर्ट ने दो प्राथमिकियां खारिज करने से किया था इनकार

जस्टिस राकेश थपलियाल की सिंगल बेंच ने आरती गौड़ की ओर से देहरादून के नेहरू कॉलोनी पुलिस थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी और दुष्यंत गौतम की ओर से डालनवाला पुलिस थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी रद्द करने से इनकार कर दिया था। अदालत ने माना था कि प्रथम दृष्टया इन दोनों शिकायतों में संज्ञेय अपराध प्रतीत होते हैं। अदालत ने साफ साफ कहा था कि किसी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर जघन्य अपराध से जोड़कर उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना एक गंभीर अपराध है। ऐसे में इनकी विस्तृत जांच जरूरी है।

सबूत हैं तो पुलिस को सौंपते

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास किसी अपराध से संबंधित सबूत हैं तो उन्हें कथित तौर पर किसी को बदनाम करने की नीयत से सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के बजाय जांच कर रहे सक्षम अधिकारियों को सुपुर्द कर देना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल किसी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के बजाए सार्वजनिक मुद्दों को उठाने के लिए किया जाना चाहिए। माना जा रहा है कि पुलिस ने सुरेश राठौर को इन्हीं मामलों की जांच के तहत पकड़ा है।

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