उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के बदियाकोट में स्थित मां भगवती मंदिर में शुक्रवार को भीषण आग लग गई। अग्निकांड में करीब चार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। विधायक सुरेश गड़िया, जिलाधिकारी अपूर्वा पांडेय समेत प्रशासन की टीम मौके का निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों ने आग लगने के कारणों की जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह करीब छह बजे बदियाकोट स्थित आदि शक्ति मां भगवती मंदिर आग की चपेट में आया। डोला के ग्रामीणाों ने इसकी सूचना मंदिर कमेटी को दी। सूचना के बाद लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक मंदिर जलकर राख हो गया। मंदिर में आग लगने की घटना से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को हुए नुकसान ने लोगों को व्यथित कर दिया है। स्थानीय लोगों ने हादसे की जांच की मांग की है।
अनूठी स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है मंदिर
यह मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र होने के साथ ही अपनी अनूठी स्थापत्य कला और पारंपरिक काष्ठकला के लिए भी विशेष पहचान रखता था। मंदिर की लकड़ी पर की गई बारीक और मनमोहक नक्काशी इसकी खूबसूरती को अद्वितीय बनाती थी। लकड़ी पर उकेरी गई कलात्मक कारीगरी पारंपरिक शिल्पकला की अनमोल धरोहर थी।
कई गांवों और क्षेत्रों को जोड़ता है मंदिर
दोफाड़ क्षेत्र के कालाकोटी, पेठी के देवली, सापुली और अन्य स्थानों में बसे दानू समुदाय के लोग मंदिर की पूजा-अर्चना में भाग लेते हैं। जोहार-मुनस्यारी और पिंडर घाटी के खाती, वाछम, सोराग, तीख, डौला, किलपारा, कुवारी, कालौ, बोराचक और झारकोट सहित अनेक गांवों के लोग भी मंदिर से जुड़े हैं।
इसी तरह का मंदिर जल्द बनाया जाएगा
कपकोट के विधायक सुरेश गड़िया ने कहा कि बदियाकोट के मंदिर में आग लगने की घटना दुखद है। यह मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र है। इस आस्था को डिगने नहीं दिया जाएगा। इसी तरह का मंदिर जल्द बनाया जाएगा। धन की कमी आड़े नहीं आएगी। घटना की जांच भी प्रशासन करेगा।
चार करोड़ का नुकसान
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष बदियाकोट भरत सिंह दानू ने कहा कि इस अग्निकांड में मंदिर को चार करोड़ का नुकसान हुआ है। आग लगने का कारण अभी अज्ञात है। सुबह छह बजे के करीब यह आग लगी है। डोला के ग्रामीणों ने इसकी सूचना उन्हें दी। मां पर आस्था रखने वाले लोग धैर्य बनाए रखें। जल्द ही भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा।










