शिक्षा के मंदिर में जब भगवान से भी बड़ा का दर्जा रखने वाले गुरु अपनी राह भटक जायेंगे तो वह बच्चों को क्या शिक्षा दे पाएंगे। जहां एक छात्रा ने प्रधानाचार्य पर आरोप लगाया था कि बार-बार अश्लील मैसेज भेजने से वह परेशान हो गई है। 30 सितंबर 2020 को पीड़िता की ओर से भिकियासैंण ब्लॉक के एक पटवारी क्षेत्र में अश्लील मैसेज भेजने के संबंध में प्रधानाचार्य के खिलाफ तहरीर सौंपी थी। बाद में मामला रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित हो गया था।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो भूपेंद्र कुमार जोशी ने बताया कि जांच के बाद पुलिस ने आरोपी प्रधानाचार्य के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की। विवेचना अधिकारी की ओर से विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में चला। अभियोजन की ओर से न्यायालय में 11 गवाह पेश किए गए।
अल्मोड़ा में पॉक्सो के एक मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश मलिक मजहर सुल्तान की अदालत ने आरोपी अल्मोड़ा जिले के एक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रमोद चंद्र दुर्गापाल, निवासी सिविल लाइन, रामनगर जिला नैनीताल को पांच साल तीन माह का सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पत्रावली में मौजूद साक्ष्य का परिशीलन कर न्यायायल ने आरोपी प्रधानाचार्य को धारा -09 में पांच साल का सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया । धारा-11 और 12 में तीन वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई।