उत्तराखंड पुलिस भले ही थाने और कोतवाली में आने वाले फरियादियों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने के वादे करती है, लेकिन रामनगर कोतवाली में एक व्यक्ति पुलिस द्वारा कार्यवाही नहीं किए जाने से परेशान हो रहा है। यही कारण है कि करीब दो माह से पीड़ित व्यक्ति कोतवाली के चक्कर लगा रहा है, लेकिन पुलिस कार्यवाही के नाम पर पीड़ित को मात्र आश्वासन दे रही है।
मामला उत्तराखंड के रामनगर कोतवाली क्षेत्र का है, जहां पीरुमदारा निवासी वीरेंद्र ने बीते माह रामनगर कोतवाली में पुलिस को तहरीर देकर बताया कि दूसरे समुदाय का एक युवक उसकी पत्नी को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया है और उसकी पत्नी उसकी दोनों बेटियों और घर में रखे सारे सामान को अपने साथ ले गई है।
पहले तो पुलिस ने वीरेंद्र की तहरीर पर कोई संज्ञान नहीं लिया, इसके बाद पुलिस ने वीरेंद्र से गुमशुदगी की तहरीर लाने की बात कही। वहीं पुलिस ने महिला और उसकी दो पुत्री की गुमशुदगी दर्ज कर खाना पूर्ति कर दी। जिसके बाद से पीड़ित व्यक्ति द्वारा लगातार कोतवाली के चक्कर लगाकर पुलिस से कार्यवाही की मांग की जा रही है, लेकिन पुलिस पीड़ित की शिकायत पर कोई कार्यवाही करती नजर नहीं आ रही है, जिससे पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वही पीड़ित वीरेंद्र ने बताया कि करीब दो माह से वह पुलिस से कार्यवाही की मांग कर रहा है लेकिन पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। पीड़ित ने बताया कि उसकी पत्नी घर से सारा सामान लेकर चली गई है और पुलिस गुमशुद की दर्ज कर कार्यवाही किए जाने की बात कर रही है। इस दौरान रामनगर पुलिस ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर गुमशुदगी दर्ज की गई है और महिला और उसकी दो पुत्री की तलाश की जा रही है।