जब पुलिस चौकी में गरीब लोगों की सुनवाई नहीं होती है, तो उन्हें आखिरकार जनप्रतिनिधि लोगों का सहारा लेना ही पड़ता है। ऐसा ही एक मामला बाजपुर की बन्नाखेड़ा चौकी का सामने आया है। जहां एक परिवार की महिलाएं पुलिस चौकी के चक्कर लगाकर थक गई। जिसके बाद महिलाओं ने उत्तराखंड वाल्मीकि दलित समाज सुधार संगठन के अध्यक्ष अनिल वाल्मीकि से मदद की गुहार लगाई, वही पीड़ित महिलाएं अनिल वाल्मीकि के साथ कोतवाली पहुंची। जहां महिलाओ ने पुलिस को तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की ओर बन्नाखेड़ा चौकी पुलिस पर मामले में कोई कार्यवाही नहीं करने का भी आरोप लगाया है।
बता दे कि बाजपुर के ग्राम गोबरा निवासी रनजीत कौर पत्नी परमजीत सिंह उत्तराखंड वाल्मीकि दलित समाज सुधार संगठन के अध्यक्ष अनिल वाल्मीकि के साथ कोतवाली पहुंची। जहां महिलाओं ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह खेती कर अपने परिवार का पालन पोषण करती है।
पीड़िता ने बताया कि 4 नवंबर को वह अपने खेत से धान की फसल की कटाई करवा रही थी कि पुरानी रंजिश के चलते गांव का निवासी एक व्यक्ति अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ मौके पर आ गया। जहां उक्त लोगों ने उसके बाद उसकी पुत्री के साथ गाली गलौज और मारपीट की। जिसके बाद उक्त दबंग व्यक्ति उसकी एक एकड़ खेत में लगी 25 क्विंटल धान की फसल को काटकर अपने साथ ले गया और जान से मारने की भी धमकी दी है।
महिला ने बताया कि इसकी शिकायत उसने बन्नाखेड़ा चौकी में की, लेकिन बन्नाखेड़ा चौकी पुलिस ने शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं की। इस दौरान पीड़ित महिला ने पुलिस से कार्यवाही की मांग की है।
वही अनिल वाल्मीकि ने बताया कि पुलिस चौकी में जाने के बाद भी गरीब लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। यदि ऐसा ही चलता रहा और पीड़ित महिला को न्याय नहीं मिला तो वह पीड़ित परिवार के साथ धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।
इस दौरान बाजपुर कोतवाली के एसआई कैलाश चंद्र नगरकोटी ने बताया कि मामले में बन्नाखेड़ा चौकी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है और जल्द ही कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।