यूपी के बस्ती जिले के मुंडेरवा थानाक्षेत्र में बाल विवाह का मामला सामने आया है। मुंडेरवा पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए दूल्हा, वर-वधू के माता-पिता और फेरे दिलाने वाले पंडित समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि किशोरी को सीडब्लूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यहां किशोरी को उसके माता-पिता की सुपुर्दगी में उनके साथ भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से इस तरह की सूचना मिलने के बाद इसे पूरी गंभीरता से लिया गया। मुंडेरवा पुलिस ने गांव में जाकर लोगों से जानकारी जुटाई। साथ ही बाल विवाह की पुष्टि के लिए दुल्हन की उम्र के बारे में साक्ष्य जुटाए गए। इसके आधार पर इस बात की पुष्टि हो गई कि लड़की की उम्र 16 वर्ष ही है, जबकि शादी के लिए कम से कम 18 वर्ष की आयु होनी चाहिए।
इसके बाद गांव के चौकीदार के स्तर से इस प्रकरण में तहरीर दी गई। इसमें बताया गया कि मुंडेरवा थानाक्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी की शादी इसी थानाक्षेत्र के रहने वाले 21 वर्षीय युवक के साथ हुई है। इस शादी में वर व वधू दोनों पक्ष के लोग शामिल थे। गांव के ही एक मंदिर पर गत 24 अगस्त को पंडित ने विवाह को सम्पन्न कराया।
इसके आधार पर मुंडेरवा थाने में दूल्हे के अलावा पंडित, वर-वधू के माता-पिता के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। मुकदमे की विवेचना एसआई गिरीशचन्द्र यादव को सौंपी गई है।









