उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष के बयान पर बवाल, क्यों खफा हो गए आंदोलनकारी

0
156

उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमुन कासमी के एक बयान को लेकर विवाद हो गया। वे गुरुवार को कचहरी परिसर स्थित शहीद स्मारक के बाहर मीडिया को बयान दे रहे थे। लेकिन, उनके कहे दो शब्द उन पर भारी पड़ गए। नाराज आंदोलनकारियों ने कासमी को वहां से लौटा दिया।

दरअसल, कासमी सीएम के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती को लेकर मीडिया से बात कर रहे थे। मीडिया ने उनसे रामपुर तिराहा गोलीकांड को लेकर भी सवाल पूछे गए। बताया जा रहा कि कासमी ने शुभ दिन बताकर अपनी बात रखनी चाही तो राज्य आंदोलनकारी खफा हो गए। उन्होंने कहा कि रामपुर तिराहे पर उत्तराखंड के कई लोग शहीद हुए, लिहाजा कासमी काले दिन को शुभ कैसे कह सकते हैं।

वीडियो वायरल, दिनभर चर्चा में रहा मामला

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। जिसे लेकर दिनभर चर्चाएं होती रहीं। राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन नेगी, जिला प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती और आंदोलनकारी मोहन कुमार ने कहा कि कासमी गलत जगह गलत बात कह गए, इसी को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने विरोध किया।

इस मामले पर बात करते हुए उत्तराकंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमुन कासमी ने कहा कि मेरे बयान को लेकर गलतफहमी हुई थी। रामपुर तिराहा गोलीकांड बेहद दुखद घटना थी। लेकिन, मैंने उस प्रकरण को लेकर नहीं, बल्कि महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री की जयंती और दशहरे पर अपनी बात रखी थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here