खैर तस्करी की सूचना पर देर रात बाजपुर के गांव जबरान पहुंची तराई केंद्रीय वन प्रभाग एसओजी की टीम के साथ तस्करों द्वारा अभद्रता करने का आरोप लगा है। साथ ही एसओजी प्रभारी कैलाश तिवारी ने कोतवाली में शिकायत देकर एक तस्कर तथा उसके साथियों पर देसी तमंचे से उन पर फायर करने का प्रयास तथा जान से मारने की धमकी तथा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर के एसओजी प्रभारी कैलाश तिवारी ने बताया कि गुरुवार की देर शाम टीम को सूचना मिली कि गांव जबरान निवासी एक तस्कर के घर में खैर की लकड़ी रखी है जिसको वह स्कॉर्पियो कार में भरकर अन्य जगह भेजने की तैयारी कर रहा है। सूचना के बाद वह अपनी टीम को लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि टीम को देखकर आरोपी भड़क गया और उसने अपने परिवार की महिलाओं को आगे करते हुए विरोध शुरू कर दिया तथा टीम के साथ गाली गलौच व अभद्रता शुरू कर दी।
इतना ही नहीं आरोपी ने देसी तमंचा निकाल कर उन पर फायर किया लेकिन फायर मिस हो गया। इसके बाद हड़कंप मच गया। महिलाओं के भारी विरोध के चलते उनकी टीम थोड़ा पीछे हट गई। इसके बाद सुबह तड़के बरहैनी वन क्षेत्र की टीम ने आरोपी के घर के पास से ही खैर की लकड़ी के 12 नग बरामद किए।
एसओजी प्रभारी कैलाश तिवारी ने बताया कि इस तस्कर के खिलाफ पहले भी लकड़ी चोरी व वनकर्मियों के साथ मारपीट करने के कई केस दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत कोतवाली में दे दी है और कार्रवाई की मांग की है। वहीं सीओ विभव सैनी ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है अगर शिकायत आई है तो आरोपियों के खिलाफ केस होगा तथा उन्हें बख्शा नहीं जायेगा।








