अंकिता भंडारी मामले में राजधानी दिल्ली में धरना प्रदर्शन जारी है। इसी बीच पुलिस ने अंकिता के माता पिता को हिरासत में ले लिया है। हालांकि, कुछ ही समय बाद उन्हें छोड़ भी दिया गया। दोनों भारतीय जनता पार्टी नेता दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं। खास बात है कि बुधवार को ही कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शनकारियों से बात की थी। वहीं, कांग्रेस ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
खबर है कि अंकिता भंडारी के माता पिता के साथ विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है। उनकी मां का कहना है कि गौतम को राज्यपाल बनाए जाने का फैसला वापस नहीं लेने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दे दी है कि अगर उन्हें इंडिया गेट पर बैठने की अनुमति नहीं दी गई, तो वह अपने घरों में भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
24 घंटे का समय दिया
अंकिता के पैरेंट्स ने फैसला करने के लिए सरकार को 24 घंटे का समय दिया है। उनकी मां ने कहा, ‘हम यह कहना चाहते हैं कि जब तक नियुक्ति रद्द नहीं होगी, तब तक हम ऐसे ही बैठे रहेंगे। चाहे हम अपने घर में रहेंगे। हमें यहां नहीं बैठने देंगे, तो हम अपने घर में भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।’
उनके पिता ने कहा, ‘हम सरकार को 24 घंटे का समय देते हैं कि जो सरकार ने सिक्किम राज्यपाल पर दुष्यंत की नियुक्ति की है, उसे निरस्त करनी पड़ेगी। अगर निरस्त नहीं की तो पूरे भारतवर्ष में जनता सड़कों पर उतर जाएगी और इसकी जवाबदारी सरकार की होगी।’
अंकिता भंडारी की 4 साल पहले हुई थी हत्या
दरअसल, वर्ष 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। मामले में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता की संदिग्ध भूमिका की भी चर्चा होती है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा के नेता जिन दुष्यंत गौतम पर आरोप लगे, केंद्र ने उन्हें इनाम देते हुए सिक्किम का राज्यपाल बना दिया है। अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने महामहिम राष्ट्रपति से मांग की है कि जब तक सीबीआई की जांच पूरी न हो जाए, तब तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल के तौर पर नियुक्त न किया जाए।
कांग्रेस का सरकार पर निशाना
राहुल और प्रियंका बुधवार देर शाम करीब साढ़े सात बजे इंडिया गेट पहुंचे और अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। उन्होंने न्याय की लड़ाई में पूरे सहयोग का भरोसा दिया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने इससे पहले अगस्त में भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की थी और कहा था कि चार साल बीत चुके हैं और वे अब भी अपनी बेटी के साथ हुए अपराध के लिए न्याय का इंतजार कर रहे हैं।
2 लोगों को हुई है सजा
हत्या के 4 दिन बाद अंकिता का शव चीला नहर में मिला था। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले ने पिछले साल दिसंबर में उस समय एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ लिया था, जब पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और खुद को उनकी पत्नी बताने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बीच कथित बातचीत के कुछ ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए थे। इसके बाद हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका को लेकर नए सिरे से सवाल उठे थे।










