चौकी में महिला से बर्बरता, 3 दिन तक जूतों-डंडों से पीटा, चोरी के शक में पुलिस लाई थी

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चोरी के शक में पूछताछ के नाम पर एक महिला से फजलगंज क्षेत्र की गुमटी नंबर पांच चौकी में बर्बरता की गई। आरोप है कि बगैर रिपोर्ट दर्ज किए उसे तीन दिन चौकी में रखा गया और जूते-डंडों से पीटा गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनसे मिलने तक नहीं दिया। बुधवार को अधिवक्ता के साथ चौकी पहुंचे परिजनों ने हंगामा किया तो अधिकारियों ने परिजनों को शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने महिला को बिना मेडिकल कराए ही घर भेज दिया, जबकि उसके हाथ में पिटाई के निशान हैं और सूजन भी आ गई है। हालांकि, पुलिस ने मारपीट के आरोपों को गलत बताया है।

राजापुरम निवासी महिला छाया सिसौदिया ने बताया कि पति की मौत के बाद वह घरों में चौका-बर्तन करके परिवार का पालन-पोषण करती है। वह पिछले दो महीने से बंबा रोड स्थित नानक मसाले वाले के घर में काम कर रही थी। महिला का आरोप है कि तीन दिन पहले गुमटी नंबर पांच चौकी प्रभारी सचिन सागर पुलिसकर्मियों के साथ उसके घर पहुंचे और चोरी के शक में उसे चौकी ले गए। उसे बताया गया कि जिस घर में काम करती हो, वहां से चेन-अंगूठी चोरी हुई है। उसे तीन दिन तक चौकी में बैठाकर रखा गया और जूते व डंडों से पीटा गया। महिला के परिजनों के मुताबिक, तीन दिन तक पुलिस ने उनसे मिलने नहीं दिया। बुधवार को वह महिला अधिवक्ता संगीता द्विवेदी के साथ चौकी पहुंचे और महिला के बारे में जानकारी मांगी।

दारोगा पर बदसलूकी और धमकाने का आरोप

आरोप है कि चौकी में मौजूद दरोगा महेंद्र सिंह ने उनके साथ अभद्रता की और धमकाया। इससे नाराज परिजनों ने इलाकाई लोगों के साथ चौकी के बाहर हंगामा किया। सूचना पर एसीपी स्वरूप नगर ज्योतिश्री और फजलगंज थाना प्रभारी धनंजय पांडेय मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को शांत कराया। करीब चार घंटे तक चली बातचीत के बाद पुलिस ने महिला को परिजनों के साथ घर भेज दिया। परिजनों का आरोप है कि महिला को बिना मेडिकल परीक्षण कराए ही घर भेज दिया गया।

चौकी में पूछताछ का नहीं है नियम

पूर्व में नवाबगंज थाने की एक चौकी के प्रभारी ने जुए के मामले में युवक को चौकी ले जाकर पांच लाख रुपये की वसूली की थी। पीड़ित की शिकायत पर मामला सही निकलने पर चौकी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसके बाद तत्कालीन ज्वाइंट सीपी आशुतोष कुमार ने आदेश जारी किया था कि किसी को पूछताछ के लिए चौकी नहीं लाया जाएगा। अगर पूछताछ करनी है तो थाने में होगी। वहीं कानूनन किसी भी व्यक्ति को बिना रिपोर्ट दर्ज करे पुलिस नहीं ला सकती है। न ही किसी महिला को सूर्यास्त के बाद थाने में रोका जा सकता है।

पुलिस ने मारपीट के आरोपों को नकारा

फजलगंज थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि चोरी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद महिला को शक के आधार पर पूछताछ के लिए लाया गया। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। महिला से मारपीट के आरोप गलत हैं। वहीं परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बगैर रिपोर्ट उसे चौकी में तीन दिन रखकर प्रताड़ित किया।

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