थाने जाने की झंझट खत्म: घर बैठे दर्ज होगी ई-जीरो FIR, शाह करेंगे ‘ई-जीरो FIR’ का शुभारंभ

0
5

उत्तराखंड में ई-जीरो एफआईआर का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सात मार्च को करेंगे। यह सुविधा शुरू होने से लोगों को केस दर्ज कराने के लिए थाने नहीं जाना होगा। घर बैठे वह यह काम हो जागएा। हालांकि, तीन दिन के भीतर संबंधित थाने जाकर मुकदमे पर हस्ताक्षर करने होंगे।

अमित शाह सात मार्च को हरिद्वार में एक बड़ी रैली को संबंधित करेंगे। इस मौके पर इसके लॉन्च कराए जाने की तैयारी की गई है। इस महत्वपूर्ण लॉन्चिंग को लेकर पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम स्थल पर एक विशाल पंडाल लगाया जाएगा, जिसमें देश में लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों को लेकर एक विशेष प्रदर्शनी लगेगी।

पुलिस के आगामी बड़े प्रोजेक्ट की रूपरेखा भी पेश

इस प्रदर्शनी के माध्यम से जनता को फॉरेंसिक जांच में शुरू की जा रही नई और उन्नत प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। उत्तराखंड पुलिस की

कार्यप्रणाली और आधुनिकीकरण को दर्शाते हुए कई महत्वपूर्ण स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल), साइबर अपराध, जेल प्रशासन, कोर्ट और अभियोजन निदेशालय आदि से जुड़े स्टॉल शामिल होंगे। इन स्टॉलों के जरिए पुलिस के आगामी बड़े प्रोजेक्ट की रूपरेखा भी पेश की जाएगी। केंद्रीय मंत्री अमित शाह स्वयं इस प्रदर्शनी और सभी स्टॉलों का निरीक्षण करेंगे।

थाने जाने की जरूरत नहीं

ई-जीरो एफआईआर के लागू होने से अब राज्य में कोई भी पीड़ित किसी भी स्थान से तुरंत अपनी एफआईआर दर्ज करा सकेगा। जिस थाने की घटना होगी, पीड़ित को वहां तत्काल जाने की जरूरत नहीं होगी।

तीसरा राज्य बनेगा उत्तराखंड

देश में अभी तक मध्य प्रदेश और दिल्ली में ई-जीरो एफआईआर प्रक्रिया लागू है। उत्तराखंड में शुरुआत होती है तो देश का यह तीसरा राज्य बन जाएगा। यहां काफी संख्या में टूरिस्ट चारधाम यात्रा और अन्य मौके पर आते हैं। उन्हें इससे काफी सुविधा मिलेगी।

क्या है ई-जीरो एफआईआर

ई-जीरो एफआईआर आधुनिक और सुविधाजनक पुलिस व्यवस्था है। जिसमें कोई भी पीड़ित व्यक्ति अपराध होने पर थाना क्षेत्र की चिंता किए बिना ऑनलाइन माध्यम से कहीं से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। जीरो एफआईआर नियम के तहत किसी भी थाने में शिकायत दी जा सकती है। बाद में पुलिस उसे संबंधित थाने को ट्रांसफर कर देती है। ई-जीरो एफआईआर में पीड़ित को किसी थाने जाने की जरूरत नहीं होगी।

उत्तराखंड पुलिस प्रवक्ता सुनील कुमार मीणा ने कहा कि ‘जीरो एफआई गृह मंत्रालय का प्रोजेक्ट है। इसलिए गृहमंत्री से शुभारंभ की तैयारी पूरी कर ली गई है। साथ ही नए अपराधिक कानूनों पर प्रदर्शनी लगेगी।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here