मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट सदन में पेश किया। सीएम ने राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में 1.11 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश किया। बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्रमुखता दी गई है।
राज्य सरकार ने प्रदेश की बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाए रखने के लिए चलाई जा रही ‘नंदा गौरा योजना’ के लिए 220 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह राशि बालिकाओं के जन्म से लेकर उनकी 12वीं तक शिक्षा तक के सफर को आर्थिक मजबूती प्रदान करती है। बता दें कि नंदा गौरा योजना के तहत बेटी के जन्म पर 11 हजार रुपये और 12वीं पास करने पर उच्च शिक्षा के लिए 51 हजार रुपये दिए जाते हैं।
माताओं और नवजाज शिशुओं के लिए क्या?
गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के पोषण को प्राथमिकता देते हुए बजट में महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 47.78 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत पहले दो बच्चों के जन्म पर एक किट मुहैया करवाई जाती है, जिसमें नवजात शिशु की देखभाल से जुड़ा जरूरी सामान होता है।
गरीब विधवाओं की पुत्रियों का भी ख्याल
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना के लिए 25 करोड़ रुपये तो मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना के लिए 13.44 करोड़ रुपये की धनराशि का आवंटन किया गया है। बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में पौष्टिक दूध उपलब्ध कराने वाली मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के लिए 15 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इनके अलावा सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए निराश्रितय/गरीब विधवाओं की लड़कियों के विवाह के लिए बजट में 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
अस्पताल में डिलीवरी पर मदद
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना के के लिए 3.76 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदाय की होनहार छात्राओं को आर्थिक मदद दी जाती है। वहीं मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के लिए बजट में 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य में प्रसूता के लिए ईजा-बोर्ड शगुन योजना के लिए 14.13 करोड़ का आवंटन किया गया है। आपको बता दें कि इस योजना के अंतर्गत अगर कोई गर्भवती महिला संस्थागत प्रसव कराती है और कम से कम 48 घंटे तक अस्पताल में रहती है, तो उसे दो हजार रुपये की आर्थिक मदद मुहैया करवाई जाती है।
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की सौगात
इनके अलावा मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना के लिए 2 करोड़ रुपये, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत के निर्माण लिए 10 करोड़ रुपये जबकि डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए गंगा गाय महिला डेरी विकास योजना के लिए बजट में 5 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।










