सभी लेंसकार्ट शोरूम में भगवा झंडे लगाओ, नहीं तो… हिंदू संगठनों का अल्टीमेटम, कलावा-तिलक लगाए

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लेंसकार्ट में बिंदी और तिलक जैसे धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध को लेकर विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर हिन्दू रक्षा दल ने देहरादून शहर में लेंसकार्ट के शोरूम में घुसकर कर्मचारियों को कलावा बांधा और तिलक लगाया। साथ ही अल्टीमेटम दिया कि सभी शोरूम में भगवा झंडे लगे होने चाहिए।

नेशविला रोड स्थित लेंसकार्ट शोरूम में हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया और लेंसकार्ट के सीईओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों को टीके लगाए। दल ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए दून में लेंसकार्ट के सभी शोरूम में भगवा झंडे लगाने का ऐलान किया है।

प्रशासन को अल्टीमेटम

दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा के आह्वान पर हिन्दू रक्षा दल के दर्जनों कार्यकर्ता लैंसकार्ट के नेशविला रोड स्थित शोरूम पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। जबकि हिन्दू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा को पुलिस ने उनके राजा रोड स्थित कार्यालय पर ही रोक लिया। ललित शर्मा ने बताया कि दल के कई कार्यकर्ता प्रदर्शन को निकल चुके थे। उक्त शोरुम में प्रदर्शनकारियों ने कर्मचारियों को टीके लगाए और भगवा झंडा लगाया।

ललित शर्मा ने कहा कि दल पूरे शहर के लैंसकार्ट के शोरूम में भगवा झंडा लगाएगा। सनातन धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश प्रभारी भंवर सिंह पुंडीर, श्रद्धा राजपूत, संध्या राजपूत, सागर राजपूत, राधे, रंजीत, बंटी, जितेंद्र राघव, प्रथम ठाकुर आदि मौजूद रहे।

मामला क्या था

यह विवाद उस समय सामने आया जब एक कथित कर्मचारी ग्रूमिंग नीति का दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें बिंदी और तिलक जैसे कुछ धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध होने का दावा किया गया था। इस पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने नाराजगी जताई और बहिष्कार की मांग की।

लेंसकार्ट घटनाक्रम पर मांग चुका माफी

चश्मों की खुदरा कंपनी लेंसकार्ट ने एक कथित आंतरिक ग्रूमिंग दस्तावेज को लेकर सोशल मीडिया पर हुए विरोध के बाद माफी मांगी है। इसके अलावा कंपनी ने नया ‘इन-स्टोर स्टाइल गाइड’ जारी किया है, जिसमें कर्मचारियों को कार्यस्थल पर धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक पहनने की अनुमति दी गई है।

कंपनी ने ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि ग्राहकों और समुदाय की चिंताओं को दूर करने के लिए वह अपने दिशानिर्देशों को सार्वजनिक और पारदर्शी बना रही है। नई नीति में टीम के सदस्यों द्वारा आस्था से जुड़े सभी प्रतीकों जैसे बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी को स्वीकार किया गया है। कंपनी ने कहा, “यदि हमारे कार्यस्थल से जुड़े किसी भी संचार से किसी को ठेस पहुंची हो या ऐसा महसूस हुआ हो कि उनकी आस्था का यहां स्वागत नहीं है, तो हमें गहरा खेद है। यह लेंसकार्ट की पहचान नहीं है और न ही कभी होगी।”

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