अवैध निर्माण करने वालों की खैर नहीं! उत्तराखंड में घर-घर होगा सर्वे, सीलिंग से बुलडोजर ऐक्शन तक का प्लान

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सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद उत्तराखंड में अवैध निर्माणों, अवैध प्लाटिंग और रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ महाअभियान शुरू हो गया है। इसके तहत बिना नक्शा पास कराए बने अवैध भवनों और आवासीय नक्शे पर चल रहे व्यावसायिक संस्थानों को सील व ध्वस्त करने की समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (उहुडा) के निर्देश पर एमडीडीए व एचआरडीए सहित सभी जिला विकास प्राधिकरणों ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत हर विकास प्राधिकरण में एक नोडल अधिकारी तैनात होगा, जिनका ईमेल सार्वजनिक रहेगा। वहीं, शिकायतों के लिए समर्पित डिजिटल पोर्टल भी संचालित किया जाएगा। सीलिंग व ध्वस्तीकरण के दौरान पुलिस और जिला प्रशासन की शत-प्रतिशत तैनाती रहेगी।

दून में अब तक 2200 नोटिस, पहाड़ों में सर्वे शुरू

देहरादून में एमडीडीए ने कार्रवाई तेज करते हुए आवासीय भवनों में दुकान, रेस्टोरेंट व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलाने पर करीब 2200 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। वहीं, हरिद्वार में नक्शे के विपरीत निर्माण पर 570 से अधिक लोगों को नोटिस दिए गए हैं।

आवासीय भवन के कॉमर्शियल इस्तेमाल को लेकर सर्वे के बाद सीलिंग नोटिस जारी किए जाएंगे। पौड़ी जिले में 28 निर्माणों को सीलिंग के नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, पिथौरागढ़ में आवासीय मकानों में चल रहे कोचिंग संस्थानों समेत पांच लोगों को नोटिस थमाए गए हैं।

नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत व ऊधमसिंह नगर जिलों में शासन के आदेश के तहत चिन्हीकरण और ब्यौरा जुटाने की प्रक्रिया जारी है, जिसके बाद नोटिस व सीलिंग की कार्रवाई शुरू होगी।

सर्वे के बाद होगी सीलिंग और बुलडोजर वाली कार्रवाई

शासन के निर्देश पर अधिसूचित विकास क्षेत्रों, कॉलोनियों और सोसाइटियों का व्यापक सर्वे कर आवासीय भवनों में कॉमर्शियल काम करने वालों की सूची तैयार की जा रही है। नियमों के तहत रिहायशी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को पहले सील किया जाएगा। इसके बाद नोटिस व सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी। इस दौरान पिक एंड चूज की नीति नहीं चलेगी।

दिनेश प्रताप सिंह, संयुक्त मुख्य प्रशासक, उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण, ”66 राज्य के सभी जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों और निकायों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का कड़ाई से अनुपालन कराने के निर्देश जारी किए हैं। प्राधिकरणों की ओर से नोटिस भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।”

बता दें कि, प्रदेश के कई शहरों में नियम-कायदों को ताक पर रख कर अवैध निर्माण किए गए हैं, जिन पर अब जल्द ही बड़ा ऐक्शन देखने को मिलेगा।

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