यूपी के झांसी में शनिवार को किन्नरों के एक गुट जमकर उपद्रव मचाया। उन्होंने एसएसपी कार्यालय के बाहर नग्न प्रदर्शन किया। जमकर नारेबाजी की और गंदे बोल भी बोले। यही नहीं किन्नरों ने नबाबाद थाना सड़क जाम कर दी और वहां से गुजर रही कार पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन वह नहीं मानें। करीब एक घंटे तक किन्नर सड़क पर हंगामा करते रहे। वहीं, इस प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहें हैं। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की पुष्टि नही करता हैं।
नबाबाद थाना क्षेत्र में रहने वाले अभिषेक उर्फ अशिंका किन्नर और दूसरे गुट के बबली नायक उर्फ गोलू और उसके साथियों से एरिया के लेकर विवाद चल रहा है। बीते बुधवार को दोनों गुट नबाबाद थाने पहुंचे। इस बीच एक गुट के अभिषेक उर्फ अंशिका किन्नर ने तैश में आकर फिनायल पी लिया था। उसे मेडिकल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद अन्य साथी किन्नर आक्रोशित थे। शनिवार को अभिषेक उर्फ अंशिका अपनी मां सहित अन्य साथी किन्नरों के साथ नबाबाद थाने पहुंचे। यहां पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन, वह एसएसपी कार्यालय पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने कपड़े उतार दिए और सड़क पर नग्न प्रदर्शन किया। वह सड़क पर उतर और जाम लगा दिया। कारों के ऊपर चढ़ गए। यहां तक कि एक बाइक सवार युवक को लात भी मारा।
पुलिस के समझाने पर भी नहीं माने किन्नर
इस बीच गुजर रहे लोगों के पास जाकर उन्होंने व्यथा सुनाई। सूचना पर नबाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव सहित अन्य अफसर पुलिस बल के साथ पहुंचे। उन्होंने किन्नर को समझाने का प्रयास किया। लेकिन वह नहीं मानें। कुछ किन्नरों ने अपने कपड़े उतार दिए। कहा कि जब कार्रवाई नहीं हो जाती। प्रदर्शन जारी रहेगा। हालांकि पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया।
क्या था मामला
नबाबाद थाना क्षेत्र में रहने वाले अभिषेक उर्फ अशिंका किन्नर और दूसरे गुट के बबली नायक उर्फ गोलू और उसके साथियों से एरिया के लेकर विवाद चल रहा है। बीते बुधवार को अभिषेक उर्फ अंशिका किन्नर अपनी मां के साथ नबाबाद थाना गए थे। वहां उन्होंने तैश में आकर फिनायल पी लिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उसके साथ बबली नायक उर्फ गोलू और उसके साथियों पर मारपीट की। अगर उसकी मौत होती है है तो यही लोग उसके जिम्मेदार हैं। वहीं पीड़ित की मां ने भी आरोप लगाए। उन्होंने पुलिस पर भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने तत्काल उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर किन्नरों के प्रदर्शन से हड़कंप मच गया।








