उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चकराता के चर्चित ऑडियो को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी को कार्रवाई के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने शनिवार दोपहर चकराता के पीड़ित बालकराम और उनकी बेटी दीक्षा से फोन पर बातचीत की और परिवार को हरसंभव सहयोग और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। चकराता निवासी बालकराम को उसकी बेटियों को कांग्रेस ज्वाइन कराने के लिए दबाव बनाने का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर कुछ दिनों से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में कांग्रेस की चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह के भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह और राजपाल सिंह की आवाज बताई जा रही है। यह ऑडियो राजनीतिक रूप से भी मुद्दा बन गया है। हालांकि, ‘हिन्दुस्तान’ इस ऑडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता।
मुख्यमंत्री ने फोन कर जानकारी ली तो दीक्षा ने पूरे मामले को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि फोन करने वाले इतने अभद्र शब्दों का प्रयोग कर रहे थे कि परिवार के लोगों का वहां बैठना मुश्किल हो गया। परिवार की महिलाओं को बाहर जाना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हरनागरिक की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति या परिवार को भय के माहौल में रहने के लिए विवश नहीं होने दिया जाएगा। सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने एसएसपी को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
यह परिवार को बदनाम करने की साजिश: चमन
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह का कहना है कि यह ऑडियो एडिटेड है। उन्होंने बताया कि उन्हें यह तक पता नहीं है कि ऑडियो कब का है। उन्होंने कहा कि बालकराम ने उनके परिवार, भाई के लिए अपशब्द कहे थे। ऑडियो को एडिट कर बालकराम की ओर से कहे गए शब्दों को हटाया गया है। राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें और परिवार को बदनाम किया जा रहा है। इस सबंध में वह जल्द आवश्यक कार्रवाई करेंगें।








