उत्तराखंड में मिठाई की दुकान पर अब ग्राहक को पता चल सकेगा कि खरीदी जा रही मिठाई कब बनी है और उसका इस्तेमाल कब तक किया जा सकता है। 26 अक्टूबर से खुली और बिना पैकेट वाली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की ट्रे और कंटेनर पर निर्माण तिथि और इस्तेमाल की आखिरी तारीख लिखना अनिवार्य होगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने शनिवार को हल्द्वानी में मिठाई और बेकरी कारोबारियों के साथ बैठक कर नए नियम की जानकारी दी और इसका पालन करने के निर्देश दिए। खाद्य सुरक्षा आयुक्त के 17 अक्टूबर को जारी आदेश के तहत यह व्यवस्था लागू की जा रही है। विभाग ने कारोबारियों से मिठाइयों की ताजगी बनाए रखने, साफ-सफाई का ध्यान रखने और खाद्य पदार्थों को खराब होने से बचाने के लिए सही तापमान पर रखने को कहा। खाद्य पदार्थों को दूषित होने से बचाने और सुरक्षित भंडारण के नियमों का पालन करने पर भी जोर दिया गया। वहीं कारोबारियों की समस्याएं और शंकाएं भी सुनी गईं।
दूध से बनी मिठाइयों को फ्रिज में रखें
सहायक आयुक्त और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजब सिंह रावत ने बताया कि ग्राहक भी मिठाई खरीदते समय उसकी ताजगी, निर्माण तिथि और उपयोग की आखिरी तारीख देखें। रसगुल्ला, रसमलाई, रबड़ी, कलाकंद, मिल्क केक और चमचम जैसी जल्दी खराब होने वाली मिठाइयों को निर्माता के निर्देशों के अनुसार सुरक्षित तापमान पर रखने की सलाह दी गई।
बैठक में व्यापार मंडल के हितेंद्र भसीन, मिठाई कारोबारी विपिन उप्रेती, अनिल गुप्ता, अंकुर सती और लक्ष्मण सिंह मौजूद रहे। बेकरी कारोबार से आदित्य शंकर, मोनिका, ललित पांडेय, ललित बडसीलिया, कमल, अनुपम किशोर और पवन दुबे ने भी हिस्सा लिया। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह मौजूद रहे।








