शाम को फीता कटना था, लेकिन ताड़ीखेत में सियासत ने घड़ी से पहले ही ‘कैंची’ चला दी। केंद्रीय राज्य मंत्री और विधायक का इंतजार किए बगैर ब्लॉक प्रमुख ने दिन में ही मूर्ति का अनावरण कर दिया। फीता कटा तो तालियां बजीं, पर ब्लॉक की सियासत का ‘तापमान’ भी चढ़ गया।
दरअसल, मंगलवार शाम ब्लॉक मुख्यालय में स्वतंत्रता सेनानी रामदत्त पांडेय की मूर्ति का अनावरण होना था। मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा और विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल को फीता काटना था। पूरे कार्यक्रम की तैयारियां भी इसी हिसाब से चल रही थीं। इस बीच, निमंत्रण नहीं मिलने से नाराज ब्लॉक प्रमुख बबली मेहरा समर्थकों के साथ दिन में ही वहां पहुंच गईं।

सभा में खुलकर नाराजगी जताई
उन्होंने मूर्ति का फीता काटा और समर्थकों के बीच सभा में उन्होंने नाराजगी खुलकर जाहिर की। उन्होंने कहा कि वे ब्लॉक की निर्वाचित अध्यक्ष हैं और उन्हें ही निमंत्रण नहीं दिया गया। इसे उन्होंने अपने अधिकारों का हनन और अपमान बताया। ब्लॉक मुख्यालय में ब्लॉक प्रमुख ने फीता काटते समय बीडीओ को भी आगे आने को कहा। प्रमुख ने दो-तीन बार आग्रह किया, काफी अनुरोध पर वे आगे आए।
आमंत्रित नहीं करना समझ से परे: मेहरा
बबली मेहरा के मुताबिक, रामदत्त पांडेय के परिजनों ने पिछले साल बताया था कि करीब चार साल से ब्लॉक मुख्यालय से मूर्ति की स्थापना के लिए एनओसी नहीं मिल पा रही है। उनके ब्लॉक प्रमुख बनने के बाद यहां मूर्ति लगवाई गई। लिहाजा, उनको ही आमंत्रित नहीं करना समझ से परे है। हालांकि, यह मूर्ति संस्कृति विभाग की मद से स्थापित की गई है।
निर्दलीय चुनाव जीती थीं ब्लॉक प्रमुख मेहरा
ताड़ीखेत ब्लॉक में पिछले चुनाव में ब्लॉक प्रमुख की सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित थी। भाजपा ने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा था, जबकि से कोई प्रत्याशी नहीं आया। आमने-सामने के मुकाबले में मंगचौड़ा से निर्दलीय जीतकर आई बबली मेहरा ने बाजी मारी और वर्तमान में ब्लॉक प्रमुख हैं।
विधायक क्या बोले
मामले में रानीखेत विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने कहा कि यह पूर्ण रूप से सरकारी कार्यक्रम था। हमें भी मूर्ति अनावरण की सूचना मिली थी। केंद्रीय मंत्री मुख्य अतिथि थे।











