अंकल वॉशरूम में ले गए थे; स्कूल में 4 साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न

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एक प्राइवेट स्कूल के वॉशरूम में चार साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। राजस्थान पुलिस ने बताया कि इस वारदात का पता सोमवार को उस वक्त चला, जब डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना शहर के स्कूल से घर लौटने पर बच्ची ने पेट में तेज दर्द की शिकायत की। इसके बाद जब परिजन उसे एक निजी अस्पताल ले गए तो शुरुआती जांच के बाद डॉक्टर ने बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न का शक जताया। जिसके बाद परिवार ने परबतसर पुलिस स्टेशन में जाकर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस के पास दर्ज कराई FIR में बच्ची की मां ने बताया कि उनकी बेटी ने एक अंकल का ज़िक्र किया, जो उसे वॉशरूम में ले गए थे। बच्ची ने बताया कि उन अंकल ने उसके साथ छेड़छाड़ की और उसका उत्पीड़न करने की कोशिश की। उधर इस बारे में पता चलते ही मंगलवार रात को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग स्कूल के बाहर जमा होकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान उन्होंने आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग करते हुए कुछ देर के लिए पास की सड़क भी जाम कर दी।

आरोपी का पता लगाने बनाई गईं पुलिस टीमें

उधर जाम लगने की खबर मिलने के बाद सर्कल ऑफिसर विक्की नागपाल, मकराना स्टेशन हाउस ऑफिसर पंकज कुमार और पुलिस की टीम सड़क जाम खुलवाने के लिए मौके पर पहुंची। इसके बाद मामले की जानकारी देते हुए नागपाल ने बताया कि बच्ची के परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी का पता लगाने के लिए पुलिस टीमें बनाई गई हैं। साथ ही कहा कि जांच के दौरान मिली मेडिकल रिपोर्ट और दूसरे सबूतों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व सीएम ने सोशल मीडिया पर उठाया मुद्दा

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ‘X’ पर शेयर की एक पोस्ट में इस कथित उत्पीड़न की घटना को चौंकाने वाला बताया और राज्य सरकार से अपील की कि मामले की तेजी से जांच और सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए इसे ‘केस ऑफिसर स्कीम’ के तहत लाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग करनी चाहिए और साथ ही पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा और मदद देनी चाहिए।

गहलोत ने यह भी कहा कि लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ऐसा माहौल बनाने में नाकाम रही है जहां माता-पिता अपनी बेटियों को स्कूल भेजने में सुरक्षित महसूस करें।

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