अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के विकारुल मुल्क (वीएम) हॉल में चल रहे हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग गिरोह का शुक्रवार को सिविल लाइन पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के सदस्य समलैंगिकों के लिए बने गे डेटिंग ऐप (ग्राइंडर) पर प्रोफाइल बनाकर युवकों को दोस्ती और मिलने के बहाने एएमयू के हॉल में बुलाते थे। फिर उन्हें बंधक बनाकर आपत्तिजनक वीडियो बना लेते थे और ब्लैकमेल कर वसूली करते थे।
एएमयू कर्मचारी के बेटे से इसी तरह 25 हजार रुपये वसूले जाने के बाद पुलिस ने गिरोह का खुलासा किया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। गिरफ्तार आरोपी एएमयू में ही बीबीए तृतीय वर्ष का छात्र है। सिविल लाइन क्षेत्र के एक इलाका निवासी एएमयू कर्मचारी ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि घटना 17 अगस्त को शाम साढ़े पांच बजे की है। एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके 19 वर्षीय बेटे को दोस्तों से मिलने के बहाने बहला-फुसलाकर विकारुल मुल्क हॉल के कमरे में बुलाया। वहां पहले से ही कई लोग मौजूद थे, जिन्होंने बेटे को जबरन रोक लिया और अवैध रूप से कमरे में बंधक बना दिया। आरोप है कि बेटे के साथ क्रूरता से मारपीट की गई। उसे जबरन निर्वस्त्र किया गया और कई घंटों तक बंधक बनाए रखा।
इस दौरान उसे शारीरिक और मानसिक रूप से यातनाएं दी गईं। उसकी जेब में रखे हुए 5600 रुपए भी छीन लिए और यौन उत्पीड़न किया। उसके अश्लील और आपत्तिजनक वीडियो बनाए गए। युवक ने विरोध किया तो धमकी दी। उसे वीडियो बनाने के लिए विवश किया गया, जिनमें उससे अश्लील कृत्यों को स्वीकार कराया गया। साथ ही वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर रुपये की मांग की। इसके बाद से आरोपी ब्लैकमेल करके बेटे से बड़ी धनराशि जबरन स्थानांतरित करा चुके हैं। सीओ तृतीय सर्वम सिंह के अनुसार जांच में आरोप सही पाए गए। आरोपी एएमयू में बीबीए तृतीय वर्ष के छात्र शाहजिल को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है, जो मूलरूप से पीलीभीत का रहने वाला है।
वीएम हॉल में बुलाकर बनाते थे अश्लील वीडियो, करते थे वसूली
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के विकारुल मुल्क (वीएम) हॉल में चल रहे हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग मामले में आरोपी ग्राइंडर एप पर जुड़े लोगों को निशाना बनाते थे। यहां कई प्रोफाइल बना रखी थीं, जिनके माध्यम से युवकों से दोस्ती करते थे। फिर मिलने के बहाने वीएम हॉल में बुलाते थे। वहां एक युवक निर्वस्त्र हो जाता था। तभी कुछ लोग बाहर से आकर छापा मारने की बात कहते थे। इसके बाद डरा-धमकाकर अश्लील वीडियो बना लेते थे। उस वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर वसूली करते थे।
मुकदमे के अनुसार आरोपी एक-दूसरे को शाहजिल, मन्नान, भोला भाई, ऑगी तथा अन्य नामों से पुकार रहे थे। लोगों ने पहले भी षड्यंत्र के तहत 14-15 लोगों को अपनी साजिश का शिकार बनाया है। पुलिस की जांच में भी जुनैद मिंटो समेत चार-पांच नाम प्रकाश में आए हैं। जुनैद भी एएमयू का छात्र है। ऐसे में छात्रों ने बाहरी युवकों के साथ मिलकर गिरोह बना रखा था। फरवरी 2025 में क्वार्सी पुलिस ने इसी तरह के एक गिरोह का खुलासा किया था। उस समय अफगानी मूल का युवक डेटिंग ऐप और सोशल मीडिया के जरिए युवकों से दोस्ती करता था। फिर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था। पुलिस ने फर्जी आईडी पर विदेशी को शरण देने के आरोप में एक अन्य आरोपी को जेल भेजा था। आरोपी शाहजिल शान खान पीलीभीत के थाना जाहनाबाद क्षेत्र के परिवा वेस्ट का रहने वाला है। वर्तमान में बीएम हॉल एएमयू में रह रहा था। इसके पास से एक आई फोन 13 प्रो मेक्स व 1200 रुपये बरामद किए गए हैं।
पुलिस को 15 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिले
यह गिरोह करीब चार महीने से सक्रिय है। आरोपी के फोन से पुलिस को 15 से अधिक वीडियो मिले हैं। इनमें पुलिस ने 10 पीड़ितों की पहचान कर ली है। सभी से लगभग चार-पांच लाख रुपये वसूले जा चुके हैं। लोकलाज के चलते कोई शिकायत करने नहीं आता। सिविल लाइन व बन्नादेवी क्षेत्र के पीड़ितों के सामने आने के बाद गिरोह की परतें खुली हैं।
वीएम हॉल कैसे बना ब्लैकमेलिंग का अड्डा
इन घटनाओं के बाद सबसे बड़ा सवाल एएमयू की सुरक्षा पर भी है। बाहरी लड़के कैसे यूनिवर्सिटी के हॉल के अंदर कमरे में इस तरह का गिरोह चला रहे थे? पचा चला है कि वीएम हॉल समेत कई हॉल में आईडी चेकिंग नहीं होती। शाम के बाद कोई भी अंदर आ-जा सकता है। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर आरोपियों ने हॉल के कमरे को ही ब्लैकमेलिंग का अड्डा बना लिया।
युवक से 60 हजार रुपये वसूले, एक और मुकदमा
सिविल लाइन थाने में मुकदमा होने के बाद बन्नादेवी क्षेत्र के एक और पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी है। इसमें कहा है कि गिरोह ने उसे भी दोस्ती के बहाने इसी तरह एएमयू के हॉल में बुलाया और बंधक बनाकर वीडियो बना लिया। ब्लैकमेल करके उससे 60 हजार रुपये लिए जा चुके हैं। इस संबंध में बन्नादेवी थाने में एक और मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
क्या बोली पुलिस
अलीगढ़ के सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि गे डेटिंग एप पर दोस्ती की आड़ में युवकों को बंधक बनाने और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने की शिकायत मिली थी। तकनीकी साक्ष्यों व जांच के बाद खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी एएमयू छात्र है, जिसने अन्य लोगों के साथ मिलकर यह गिरोह बनाया था। अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। अभी तक दो पीड़ितों की ओर से मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।











